मेरठ। शास्त्री नगर के सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से व्यापारियों में बेचैनी है। ऊर्जा राज्य मंत्री डॉक्टर सोमेंद्र तोमर और आवास आयुक्त डॉक्टर बलकार सिंह से भी व्यापारी मिल चुके हैं लेकिन उन्हें कोई विशेष राहत नहीं मिली है। बाजार में दुकानों के स्ट्रक्चर और साइन बोर्ड हटाने के अलावा कुछ दुकान खाली भी होने लगी हैं। मामले में आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है। आरोप है कि ध्वस्तीकरण से इतर आवास एवं विकास परिषद के अधिकारी अतिक्रमण हटाने पर जोर दे रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह के अवैध निर्माण पूरी तरह से ध्वज करने के आदेश दिए हैं। 13 मार्च को अब इस मामले में सुनवाई होगी।
सेंट्रल मार्केट के मामले में 27 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति संदीप मेहता द्वारा इस प्रकरण में 6 हफ्ते में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। 661/6 के सामने कई दुकानदारों ने अपने टीन शेड और लोहे के स्ट्रक्चर रात में हटाने शुरू कर दिए। शुक्रवार को भी कई दुकानदारों ने दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को खुद हटाया और इस दौरान टिन शेड और स्ट्रक्चर आदि हटाए गए। बाजार में गारमेंट्स की दुकान लाभ गारमेंट्स नेवी अपने बोर्ड और स्ट्रक्चर आदि हटाए और टॉम एंड जेरी के अलावा कुछ दुकानों को खाली करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बताया कि 27 जनवरी को अदालत ने 6 सप्ताह में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। मामले में 13 मार्च को मामले में सुनवाई होगी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय भवनों में बने कॉम्प्लेक्स तथा की जा रही व्यावसायिक गतिविधियों को पूरी तरह से बंद करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें ध्वस्त करने के लिए कहा गया है। आवास एवं विकास परिषद के अधिकारी व्यापारियों को आदेश की गलत व्याख्या कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई भू निर्माण एवं विकास उप विधि के अंतर्गत भी इस तरह के निर्माण को राहत नहीं दी जा सकती। मामले में आइजीआरएस पोर्टल पर मुख्यमंत्री से शिकायत की गई है।