जनगणना को दो हिस्सों में बांटा है
पहला चरण (22 मई - 20 जून): इसमें केवल मकानों की लिस्टिंग होगी और घर की सुविधाओं (बिजली, पानी, वाहन आदि) पर 33 सवाल पूछे जाएंगे।
दूसरा चरण (फरवरी 2027): अगले साल फरवरी में व्यक्तियों की असल गिनती होगी। खास बात यह है कि इस बार 1931 के बाद पहली बार जातिगत जनगणना भी की जाएगी।
पोर्टल पर खुद कैसे बनें डिजिटल प्रगणक: आप
se.census.gov.in पर जाकर खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। बस अपना मोबाइल नंबर और परिवार के मुखिया का नाम दर्ज करें। ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद मांगी गई जानकारियां भरें। फॉर्म सबमिट होते ही आपको 11 अंकों का एक SE-ID मिलेगी जिसे संभाल कर रखें। जब प्रगणक घर आएं, तो बस उन्हें यह नंबर दिखा दें।
याद रखें ये खास बातें
रसोई का नियम: एक ही किचन में खाना खाने वाले लोग एक परिवार माने जाएंगे।
180 दिन का पैमाना: आपकी गिनती उसी शहर में होगी जहां आप कम से कम 6 महीने से रह रहे हैं।
पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 सवाल
मकान नंबर, निर्माण सामग्री (फर्श, दीवार, छत), मकान का उपयोग और स्थिति, परिवार और सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, सामाजिक वर्ग, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई की सुविधा, गैस कनेक्शन, मोबाइल फोन, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर, वाहन, घर में उपयोग होने वाला मुख्य अनाज और मोबाइल नंबर आदि।