सीसीएसयू : 24 अगस्त से होंगी यूजी-पीजी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस और कॉलेजों में फाइनल ईयर के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं 24 अगस्त से होंगी। परीक्षा तीन पालियों में होनी है। इसमें 1 लाख 90 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा कार्यक्रम एक-दो दिन में विवि की वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा।
सीसीएसयू में वार्षिक प्रणाली में बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर और बीए-बीकॉम एवं एमए-एमकॉम प्राइवेट विषयों की परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हुईं थी। 30 फीसदी परीक्षाएं होने के बाद लॉकडाउन लगने पर 18 मार्च से आगे की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं। इनमें फाइनल ईयर को छोड़कर बाकी सभी को बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. रूपनारायण ने बताया कि 24 अगस्त से बीए-बीएससी-बीकॉम रेग्युलर-प्राइवेट और एमए-एमकॉम प्राइवेट की फाइनल ईयर की परीक्षाएं शुरू होंगी। 29 अगस्त से सेमेस्टर कोर्सों में एमए-एमएससी-एमकॉम रेग्युलर, एलएलबी, एलएलएम, बीए-एलएलबी, बीबीए, बीसीए, एमबीए-एमसीए समेत अन्य कोर्सों की फाइनल ईयर की परीक्षाएं शुरू होंगी। इन परीक्षाओं में एक लाख 60 हजार के करीब छात्र-छात्राएं हैं। बीएड फाइनल ईयर की परीक्षा 31 अगस्त से शुरू होगी। इसमें 30 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हैं। कुल मिलाकर एक लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं होंगी।
210 से अधिक सेंटरों पर होगी परीक्षा
बीएड प्रवेश परीक्षा के सफल आयोजन के बाद विवि ने परीक्षा कराने का फैसला लिया है। ये परीक्षाएं मेरठ-सहारनपुर मंडल के नौ जिलों के 210 से अधिक केंद्रों पर होंगी। बीएड की तरह से ही इन परीक्षाओं में भी सिटिंग प्लान वैसा ही रहेगा। सैनिटाइजेशन और थर्मल स्केनिंग के सभी सेंटरों पर इंतजाम रहेंगे।
डेढ़-दो घंटे की रहेंगी परीक्षाएं
बीए-बीएससी-बीकॉम फाइनल में ऑब्जेक्टिव परीक्षा होती है। यह दो घंटे की होती है। इसमें सौ सवालों की जगह 75 सवाल पूछे जाएंगे। यह परीक्षा डेढ़ घंटे की होगी। सेमेस्टर कोर्सों की परीक्षा तीन घंटे की बजाय दो घंटे की होगी। परीक्षा तीन पालियों में कराई जाएगी। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि 28 दिन में परीक्षाएं समाप्त हो जाएंगी। रविवार को परीक्षा कम ही रखी जा रही है। लेकिन अगर जरूरत पड़ती है तो छुट्टियों में परीक्षाएं कराई जाएंगी।
हॉस्टल वाले छात्रों को होगी परेशानी
फाइनल ईयर में उन छात्र-छात्राओं को परेशानी होगी जो बाहर से यहां आकर पढ़ाई करते हैं। वे हॉस्टलों में या शहर में कमरा लेकर रहते हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं को परेशानी हो सकती है। वहीं परीक्षा कार्यक्रम घोषित किए जाने के बाद परीक्षा फार्म अपलोड होने शुरू हो जाएंगे। जिन छात्र-छात्राओं ने परीक्षा फार्म नहीं भरे थे, वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।