फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: भारत का पहला एआई-सक्षम विश्वविद्यालय बनेगा सीसीएसयू

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती के अवसर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) को देश का पहला कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सक्षम परिसर बनाने की घोषणा की गई है। घोषणा के मौके पर कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब प्रवेश की बाधाएं खत्म हों और अवसर कौशल व योग्यता पर आधारित हों। स्थानीय भाषा का समावेश इस पहल का मूल स्तंभ है।
विज्ञापन

सीसीएस विश्वविद्यालय को आदर्श एआई संस्थान बनाकर हम पूरे देश के लिए दोहराने योग्य खाका तैयार कर रहे हैं। यह युवाओं को भारत के आर्थिक भविष्य का केंद्र बनाता है। समझौता ज्ञापन के तहत सीसीएस विश्वविद्यालय एआई अपनाने के फ्रेमवर्क का पायलट संस्थान बनेगा।कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) ने गूगल और सीसीएस विश्वविद्यालय के साथ मिलकर यह महत्वपूर्ण साझेदारी घोषित की। यह घोषणा 23 दिसंबर को मुंबई में की गई, जो चौधरी चरण सिंह की विरासत सामाजिक न्याय, ग्रामीण उत्थान और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय प्रगति से सीधे जुड़ी हुई है।
इस सहयोग का मुख्य लक्ष्य सीसीएसयू विश्वविद्यालय को एआई अपनाने का राष्ट्रीय मॉडल बनाना है। विश्वविद्यालय शिक्षण, अधिगम, मूल्यांकन और कौशल विकास के सभी क्षेत्रों में एआई को व्यवस्थित रूप से शामिल करेगा। चौधरी चरण सिंह की जयंती पर यह घोषणा प्रतीकात्मक है। उनकी विरासत किसानों, ग्रामीणों और समान अवसरों पर केंद्रित थी। यह पहल उभरती तकनीकों को बहिष्कार नहीं, बल्कि समावेशन का माध्यम बनाती है। कौशल विकास मंत्रालय इस मॉडल को देशभर में फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है। एआई के बढ़ते प्रभाव में छात्र न केवल नौकरी पाने, बल्कि बदलती भूमिकाओं के अनुकूल होने के लिए तैयार होंगे।
विज्ञापन

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के लाखों छात्रों को सेवा देने वाला यह सार्वजनिक विश्वविद्यालय अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी उन्नत तकनीक की पहुंच बढ़ाएगा। पहल का फोकस युवाओं की रोजगार चुनौतियों पर है। एआई उपकरणों से भाषा, पहुंच और अनुभव की बाधाओं को कम किया जाएगा। विशेष रूप से स्थानीय भाषाओं (जैसे हिंदी) में सीखने का वातावरण तैयार होगा ताकि छात्र अपनी मातृभाषा में ही उद्योग-उपयोगी कौशल सीख सकें।
इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और वे स्वचालन युग के लिए तैयार होंगे। इसमें पाठ्यक्रम डिजाइन, संकाय प्रशिक्षण, छात्र मूल्यांकन और कौशल-आधारित शिक्षण में एआई का एकीकरण होगा। यह व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करेगा और अकादमिक प्रशिक्षण व कार्यबल जरूरतों के बीच की खाई पाटेगा। गूगल की भागीदारी निजी क्षेत्र की बढ़ती जिम्मेदारी को दर्शाती है। कंपनी तकनीकी अवसंरचना, उपकरण और ज्ञान प्रदान करेगी। कार्यक्रम में एमएसडीई की सचिव देबाश्री मुखर्जी, सीसीएसयू विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला और गूगल इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें