- छात्रावासों में सुरक्षा गार्ड्स की संख्या बढ़ाने के साथ ही बैरिकेडिंग और सघन होगी निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ रही अराजकता को रोकने के लिए नई योजना तैयार की गई है। बुधवार को इस संंबंध में विवि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने सभी छात्रावास वार्डन, असिस्टेंट वार्डन और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की संयुक्त बैठक ली। जिसमें छात्रावास में छात्रों की एंट्री चेहरा देखकर करने पर निर्णय लिया गया।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि वार्डन और असिस्टेंट वार्डन निर्धारित ड्यूटी समय के अतिरिक्त भी अधिक समय छात्रावास में बिताएं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सतत निगरानी बनी रहे। जिन आवासीय छात्रों के पास अनधिकृत व्यक्तियों का आना-जाना बार-बार पाया जाएगा, उन्हें पहले चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी पुनरावृत्ति होती है, तो संबंधित छात्रों को छात्रावास से निष्कासित करने की कार्रवाई की जाएगी।
रिकॉग्निशन एंट्री सिस्टम होगा लागू
सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रथम चरण में वीएसएमपी छात्रावास और पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास में आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) अथवा फेस रिकॉग्निशन एंट्री सिस्टम लगाया जाएगा। इससे केवल अधिकृत छात्र ही छात्रावास में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे बाहरी लोगों की अनधिकृत एंट्री रोकी जा सकेगी। बैठक में सभी पुरुष छात्रावासों में भी महिला छात्रावास की तर्ज पर केयरटेकर नियुक्त किए जाने पर भी विचार हुआ। विश्वविद्यालय परिसर स्थित छात्रावासों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सुरक्षा गार्ड्स की संख्या आवश्यकता अनुसार बढ़ाई जाएगी। कुलानुशासक प्रो. बीरपाल सिंह और मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. दिनेश कुमार की देखरेख में परिसर और छात्रावासों में सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
दो शिफ्ट में प्रॉक्टोरियल टीम करेगी गश्त
सुबह 5 से शाम 5 बजे तक असिस्टेंट प्रॉक्टर दुष्यंत चौहान के नेतृत्व में टीम निगरानी करेगी। शाम 5 से सुबह 5 बजे तक डॉ. प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में दूसरी टीम सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेगी। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने सख्त निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक प्रभावी और सख्त बनाया जाए, जिससे छात्रावास और विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन बना रहे। प्रतिकुलपति प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. भूपेंद्र सिंह, चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह, मुख्य छात्रावास अधीक्षक प्रो. दिनेश कुमार, प्रो. बिंदु शर्मा, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. दुष्यंत चौहान, डॉ. प्रदीप चौधरी, डॉ. यशवेंद्र वर्मा, डॉ. वाईपी सिंह आदि मौजूद रहे।