- एनईपी के बाद सीसीएसयू की व्यक्तिगत स्तर पर परीक्षा न कराने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि की ओर से प्राइवेट मोड में बीए, बीकॉम, एमए, एमकॉम जैसे कोर्सों की वार्षिक परीक्षाएं आयोजित करने पर सवाल उठ रहे हैं। स्ववित्त पोषित महाविद्यालय संघ ने सीसीएसयू कुलपति, कुलसचिव और प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को पत्र लिखकर शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्राइवेट मोड की वार्षिक परीक्षाओं को बंद करने की मांग की है।
पत्र के माध्यम से संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट नितिन यादव ने कहा है कि नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) लागू होने के बाद भी यह व्यवस्था जारी रहना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। वर्ष 2022 में विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति ने एनईपी-2020 को ध्यान में रखते हुए यूजी प्राइवेट परीक्षाएं बंद करने का फैसला लिया था। हालांकि विरोध के बाद इसे जारी रखा गया। वर्तमान में नियमित छात्रों के लिए सेमेस्टर सिस्टम लागू है और परीक्षाएं एनईपी के तहत आयोजित हो रही हैं। दिसंबर 2025 में ऑड सेमेस्टर परीक्षाओं का शेड्यूल जारी हो चुका है। यह मुख्य रूप से नियमित और एनईपी आधारित कोर्सों के लिए है।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट मोड में वार्षिक परीक्षाओं का कोई स्पष्ट उल्लेख हालिया नोटिफिकेशन में नहीं मिला। विश्वविद्यालय को दूरस्थ शिक्षा (ओडीएल) की अनुमति मिली है, लेकिन वह भी यूजीसी नियमों के तहत गुणवत्ता मानकों पर आधारित है, न कि पुरानी वार्षिक प्राइवेट व्यवस्था पर। एनईपी 2020 उच्च शिक्षा को बहुविषयक, लचीला और गुणवत्ता आधारित बनाने पर जोर देती है। नीति में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) को मजबूत करने की बात है लेकिन गुणवत्ता नियमित शिक्षा के समान रखने पर जोर दिया गया है। प्राइवेट या वार्षिक आधार पर बिना पढ़ाई के सीधी परीक्षा की पुरानी व्यवस्था नीति के विरुद्ध मानी जाती है। ऐसे में विश्वविद्यालय को ओडीएल या ऑनलाइन मोड में ही कोर्स चलाने चाहिए। छात्रों को नियमित पढ़ाई, डिजिटल संसाधन और क्रेडिट बैंक की सुविधा मिलनी चाहिए।