मेरठ और सहारनपुर मंडल में स्थित सीसीएसयू के एडेड, राजकीय और प्राइवेट कॉलेजों में विभिन्न मद में लिए जाने वाले शुल्क के तरीके में अब बदलाव होने जा रहा है। सीसीएसयू की ओर से आदेश जारी किया जा रहा है कि सभी कॉलेज अब किसी भी का शुल्क कैशलेस फॉरमेट पर ही लेंगे। इससे प्राइवेट कॉलेजों में होने वाली अवैध वसूली पर रोक लगेगी, साथ ही डिजिटल पेमेंट को भी बढ़ावा मिलेगा।
चौधरी चरण सिंह विवि से मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़ और बुलंदशहर जिले के 600 से अधिक कॉलेज संबद्ध हैं। कैशलेस तरीकों को बढ़ावा देने के मकसद से विवि ने भी कदम उठाया है। विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई भी शुल्क जिसके बदले में कॉलेज में रसीद दी जाती है, अब कैशलेस फॉरमेट से ही लिया जाएगा। दो-तीन दिन में सभी कॉलेजों को इस बारे में निर्देश मुहैया करा दिए जाएंगे। प्राइवेट कॉलेजों में सभी प्रकार का शुल्क कैश में ही लिया जाता है। कई बार इन कॉलेजों पर तय शुल्क से अधिक रकम वसूलने के आरोप लगते हैं। कैशलेस व्यवस्था होने से कॉलेजों में अवैध वसूली भी बंद होने की उम्मीद है।
कई कॉलेज लेते हैं ड्राफ्ट
कई एडेड कॉलेज शुल्क ड्राफ्ट में लेते हैं। कुछ अभी भी कैश में ले रहे हैं। एडमिशन के दौरान प्रॉस्पेक्टस की बिक्री भी नकद राशि में की जाती है। विवि प्रशासन के अनुसार डिजिटल पेमेंट मोड का प्रयोग स्टूडेंट्स, कॉलेज और विवि तीनों के लिए सुविधाजनक रहेगा।