फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीसीएसयू ने सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय को दिए 100 करोड़

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय को चलाने के लिए सीसीएसयू ने 100 करोड़ रुपये अपने फंड से दिए हैं। कैंपस में शुक्रवार को हुई वित्त समिति की ऑनलाइन बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। इसके साथ नए सत्र में सहारनपुर राज्य विवि में दाखिले शुरू होने की उम्मीद जग गई है। सीसीएसयू ही प्रथम वर्ष में एडमिशन कराएगा। हालांकि पोर्टल सहारनपुर राज्य विवि का अलग बनाया जाएगा।
विज्ञापन

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्घ नौ जिलों में यूजी-पीजी एवं ट्रेडिशनल-प्रोफेशनल कोर्स के सवा सात सौ कॉलेज हैं। इनमें एडेड कॉलेजों की संख्या 50 है जबकि 18 राजकीय कॉलेज हैं। नौ जिलों में सेल्फ फाइनेंस और प्रोफेशनल कॉलेजों की संख्या साढ़े छह सौ है। इन कॉलेजों में पांच लाख से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। ऐसे में सीसीएसयू में काम का बोझ बहुत अधिक रहता है। अब सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय शुरू होने से शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के 11 एडेड, नौ राजकीय और दो सौ से अधिक सेल्फ फाइनेंस कॉलेज सीसीएसयू से अलग हो जाएंगे। इन कॉलेजों में 80 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं हैं। इनमें बीएड के कॉलेज शामिल नहीं हैं, उनकी संख्या अलग है। सहारनपुर विवि को फिलहाल पुवारकां स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में चलाने की मंजूरी दी गई है। विवि में रजिस्ट्रार का कार्य सीसीएसयू के रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ही देख रहे हैं। कुलपति की नियुक्ति कभी भी हो सकती है। सहारनपुर विवि अलग बनाए जाने के लिए बजट की समस्या आ रही थी। कोरोना काल में सीसीएसयू प्रशासन ने अपने बजट से 100 करोड़ रुपये सहारनपुर राज्य विवि को देने के लिए शुक्रवार को वित्त समिति की बैठक का आयोजन किया। कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। सौ करोड़ रुपये सहारनपुर राज्य विवि को मिलने से काफी काम होगा। इसके चलते नए सत्र में एडमिशन भी सहारनपुर राज्य विवि के अलग से होने की उम्मीद जग गई है। शुरुआत में एक साल तक सहारनपुर राज्य विवि के एडमिशन सीसीएसयू ही करा सकता है। सहारनपुर राज्य विवि का पोर्टल अलग बनेगा। इससे अब सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली के छात्र-छात्राओं को काम कराने के लिए मेरठ नहीं आना पड़ेगा।
आमदनी से खर्चें हैं ज्यादा
मार्च में सीसीएसयू ने अपना बजट जारी किया था। इसमें आमदनी जहां 138 करोड़ रुपये रही वहीं, खर्च 144 करोड़ रुपये आया। 100 करोड़ रुपये जो दिए गए हैं वे सीसीएसयू ने अपनी बचत के फंड से दिए हैं। अब सीसीएसयू के पास फंड में चार सौ करोड़ रुपये बचे हैं। सहारनपुर राज्य विवि बनने से सीसीएसयू की आमदनी ओर कम होगी। वहीं, यदि गौतमबुद्धनगर विश्वविद्यालय भी अलग हो जाता है तो ऐसी स्थिति में सीसीएसयू की आमदनी बहुत कम हो जाएगी।
विज्ञापन

कोरोना महामारी में खाने के लिए 50 लाख
वित्त समिति की बैठक में कोरोना काल में जरूरतमंदों को रोजाना तीन हजार खाने के पैकेट प्रशासन को सौंपे गए। सामुदायिक रसोई के इस प्रयास की सराहना करते हुए 50 लाख रुपये की धनराशि की अनुमति दी गई।
कार्य परिषद की ऑनलाइन बैठक आज
सीसीएसयू कार्य परिषद की शनिवार को ऑॅनलाइन बैठक होगी। इसमें वित्त समिति के निर्णय पर मुहर लगाए जाने के अतिरिक्त कई दूसरे निर्णय भी लिए जाएंगे।
ये रहे मौजूद
ऑनलाइन बैठक में कुलपति प्रो. एनके तनेजा, प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, वित्त अधिकारी सुशील कुमार गुप्ता, रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा, उच्च शिक्षाधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता, प्रो. बीके वशिष्ठ, अतुल कुमार सिंह और संजीव गोयल मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें