मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक कोर्स (बीए, बीएससी, बीकॉम) के छात्रों के लिए बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने अध्यादेश के बिंदु 4.10 का हवाला देते हुए कहा है कि कोई छात्र पहले और पांचवें सेमेस्टर के मुख्य विषयों के परीक्षा फॉर्म एक साथ नहीं भर सकता।
वजह यह है कि दोनों सेमेस्टर की परीक्षाएं एक ही तारीख और समय पर होती हैं। दिसंबर 2025 के विषम सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए 15 अक्टूबर को जारी नोटिफिकेशन के बिंदु 5 में भी यही बात दोहराई गई थी फिर भी कुछ छात्रों ने नियम तोड़कर दोनों सेमेस्टर के फॉर्म भर दिए हैं।
कई कॉलेजों ने भी ऐसे फॉर्म आगे भेज दिए। अब परीक्षा नियंत्रक ने सभी कॉलेजों को चेतावनी दी है की जिन छात्रों ने गलती से दोनों फॉर्म भरे हैं, उनसे संपर्क कर सिर्फ एक सेमेस्टर (पहले या पांचवें) का फॉर्म ही आगे भेजें। यदि ऐसा नहीं किया तो प्रवेश पत्र नहीं मिलेंगे। जिम्मेदारी कॉलेज और छात्र की होगी। जिस सेमेस्टर का फॉर्म रद्द करेंगे, उसके आवेदन इकट्ठा कर छात्रों का नाम, सेमेस्टर, बैंक डिटेल और ट्रांजेक्शन आईडी के साथ विश्वविद्यालय भेजें। ताकि फीस वापस की जा सकें। कॉलेज तुरंत कार्रवाई करें, वरना परीक्षा में दिक्कत आएगी।