मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) प्रशासन ने ऑनलाइन आंतरिक परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने संबंधी खबरों का पूरी तरह से खंडन किया है। विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया पर चल रहीं इन सूचनाओं को निराधार, भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया है। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से पहले पोर्टल पर जो सामग्री दिख रही थी, वह वास्तविक प्रश्नपत्र नहीं बल्कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अपलोड किया गया एक प्रैक्टिस टेस्ट था।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस बार आंतरिक परीक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही हैं। छात्रों को इस नई तकनीक और डिजिटल प्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से परीक्षा पोर्टल पर एक मॉक या प्रैक्टिस टेस्ट उपलब्ध कराया गया था। इसका एकमात्र उद्देश्य विद्यार्थियों को लॉगिन करने, बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने, स्क्रीन पर प्रश्नों के बीच नेविगेट करने और अंत में उत्तर सबमिट करने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक अभ्यास कराना था। इस प्रैक्टिस टेस्ट में केवल नमूने (सैंपल) के प्रश्न शामिल थे जिनका वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था।
परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने बताया कि कुछ लोगों ने इसी प्रैक्टिस टेस्ट को वास्तविक प्रश्नपत्र समझ लिया और सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने की अफवाह फैला दी। उन्होंने साफ किया कि वास्तविक आंतरिक परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत एक बिल्कुल अलग गोपनीय प्रश्नपत्र के माध्यम से आयोजित की गई है। इसलिए पेपर आउट होने या पहले से प्रदर्शित होने के सभी दावे पूरी तरह असत्य हैं।