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सीसीएसयू : पेट्रोल बम फोड़ने के मामले में केस दर्ज, छह छात्र निष्कासित, नौ निलंबित

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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पंडित दीन दयाल उपाध्याय छात्रावास मेें पेट्रोल बम फोड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई। मेडिकल थाना पुलिस ने अज्ञात छात्रों पर केस दर्ज कर मामले में रविवार को पूछताछ के लिए छात्र सुमित को हिरासत में लिया। हालांकि शाम को उसे जमानत मिल गई। वहीं, विवि प्रशासन ने 200 छात्रों को नोटिस दिए थे। अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचान कर छह छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित और नौ छात्रों को निलंबित कर दिया।
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पुलिस जांच में पता चला है कि शुक्रवार की देर रात हॉस्टल में छात्रों ने पेट्रोल बम बनाकर फोड़ा था। इसके बाद हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई थी। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर किसी अन्य स्थान का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें पाॅलीथीन में पेट्रोल भरकर बम फोड़ा गया था। इसी वीडियो को देखकर सीसीएसयू के छात्रों ने भी पॉलीथीन में पेट्रोल भरकर उसी अंदाज में आग लगाकर धमाका किया। वायरल वीडियो में छात्र आग के आस-पास नाचते कूदते भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में छात्र वंदेमातरम का नारा भी लगा रहे हैं।



छात्रों ने जताई नाराजगी, बोले-विवि में पेट्रोल कैसे आया



इस घटना से नाराज कुछ छात्र रविवार को विवि के पंडित दीन दयाल उपाध्याय छात्रावास में पहुंचे। छात्रों की वार्डन से बहस हुई। छात्रों का कहना था की बाहर से पेट्रोल छात्रावास में कैसे पहुंचा। पेट्रोल बम से बड़ा हादसा भी हो सकता था। छात्र अक्षय बैंसला का कहना है कि मामले की जांच कराई जाए और दोषी छात्रों पर कार्रवाई की जाए। छात्र नेता विनीत चपराना ने कहा कि मामले में लिप्त छात्रों पर ही कार्रवाई होनी चाहिए। निर्दोष छात्रों कार्रवाई होती है तो विरोध किया जाएगा।
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सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि चौकी प्रभारी महिपाल शर्मा की ओर से अज्ञात आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। सुमित नाम के छात्र को हिरासत में लिया गया है। मामले में शामिल अन्य छात्रों पर भी कार्रवाई की जाएगी।







सीसीटीवी और विभिन्न माध्यमों से मिल रहे वीडियो में दिख रहे छात्रों की पहचान की जा रही है। फिलहाल पहचान कर छह छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित और नौ को निलंबित किया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से इस मामले में अभी पुलिस से शिकायत नहीं की गई है।
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- प्रोफेसर दिनेश कुमार, चीफ वार्डन
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