ऐसे में एक शिक्षक को कम से कम 10-10 ई-कंटेंट भेजने चाहिए थे, जिससे ई-कंटेंट की संख्या 11 हजार से भी अधिक हो जाती, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। शनिवार को कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में संकायाध्यक्ष और विभागाध्यक्ष की ऑनलाइन बैठक हुई।
कुलपति ने कहा कि सरकार का डिजिटलाइजेशन की तरफ विशेष जोर है। ऐसे में सभी शिक्षक अपनी संस्थान की मेल आईडी और निजि ईमेल आईडी कुलसचिव के यहां दर्ज करा दें। कम से कम से कागज का प्रयोग करें। सभी अपनी मेल आईडी दिन में तीन बार जरूर देखें।
कुलपति ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के लिए हर शिक्षक तैयार रहे। उसको अच्छी तरह से समझ लें। इस दौरान डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. जमाल अहमद सिद्दकी ने बताया कि 120 ई-कंटेंट अपलोड किए जा चुके हैं। सौ से अधिक ई-कंटेंट के अपलोड करने काम चल रहा है।
छात्रों को पहले ही भेज दें ई-कंटेंट
पोर्टल पर अपलोड होने वाले ई-कंटेंट को छात्रों को पहले ही भेजने के लिए कहा गया है, ताकि वे पढ़ाई के लिए तैयार रहें। 10 दिन में ई-कंटेंट भेजना है। ई-कंटेंट को टाइप करके ही भिजवाया जाएगा। हाथ से लिखकर कोई भी ई-कंटेंट तैयार न करें।
ये रहे मौजूद
बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. पवन शर्मा, प्रो. जितेंद्र ढाका, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. भूपेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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