फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीएसई : दसवीं और बारहवीं की प्रायोगिक परीक्षा एक जनवरी से

विज्ञापन
विज्ञापन
- प्रायोगिक, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन के लिए एसओपी की जारी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षा के लिए प्रायोगिक, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा की तिथि के साथ ही स्कूलों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। ये परीक्षाएं एक जनवरी से शुरू होंगी और 14 फरवरी तक चलेंगी। बोर्ड ने स्कूलों को अंक प्रविष्टि सही करने के लिए कहा है। बोर्ड के अनुसार जिस दिन परीक्षा होगी, अंक भी उसी दिन अपलोड करने होंगे। इसके साथ ही परीक्षार्थियों का बैच बनाकर फोटो अपलोड करनी होगी। इसके लिए बोर्ड की ओर से लिंक भी उपलब्ध कराया जाएगा।
बोर्ड इस वर्ष चार परीक्षाएं आयोजित करेगा। इसलिए किसी भी तरह की देरी की गुंजाइश कम होगी। स्कूलों को अंक अपलोड करते समय यह भी देखना होगा कि विषय के लिए निर्धारित अधिकतम अंक से अधिक अंक न डाले जाएं। एक बार अंक अपलोड होने के बाद उनमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

दसवीं के लिए विशेष नियम
कक्षा दसवीं की प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए कोई बाहरी परीक्षक नहीं होगा। सभी मूल्यांकन स्कूल के अंदर नियुक्त आंतरिक परीक्षक ही करेंगे। बोर्ड कक्षा दसवीं के लिए प्रैक्टिकल की आंसरशीट्स भी नहीं देगा। स्कूलों को खुद पूरा प्रबंधन करना होगा। मूल्यांकन के बाद आंसरशीट्स को सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय में जमा कराने की जरूरत नहीं होगी, लेकिन स्कूलों को रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा।
बारहवीं के लिए यह होगी व्यवस्था
कक्षा बारहवीं में आंतरिक और बाहरी दोनों परीक्षक होंगे। प्रयोगों का चयन दोनों परीक्षक मिलकर आधिकारिक पाठ्यक्रम से करेंगे। परीक्षकों को सामान्य या पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न पूछने से बचना होगा। मौलिक और अच्छी परियोजनाओं को अधिक अंक मिलेंगे, जबकि साधारण प्रोजेक्ट को औसत अंक दिए जाएंगे।
विज्ञापन

ये रहेगी अंक अपलोडिंग की प्रक्रिया
प्रयोगशाला कार्य, वायवा, प्रोजेक्ट और फाइनल प्रैक्टीकल परीक्षा के अंक अलग-अलग दर्ज किए जाएंगे। आंशिक अंक अपलोड नहीं होंगे, बल्कि उन्हें अगले पूर्ण अंक में बदला जाएगा। प्रायोगिक परीक्षा के दिन ही उसी स्कूल से संयुक्त रूप से अंक अपलोड करना अनिवार्य होगा। बाहरी परीक्षक सीबीएसई ही नियुक्त करेगा। अगर परीक्षक उपलब्ध न हो, तो स्कूल को तुरंत क्षेत्रीय कार्यालय को सूचना देनी होगी। सीबीएसई ने साफ किया है कि केवल वही छात्र प्रायोगिक परीक्षा में बैठेंगे, जिनका नाम एलओसी में दर्ज होगा। स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि केवल वास्तविक छात्र ही परीक्षा दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें