यूपी बोर्ड की तरह बनेगी सीबीएसई-आईसीएसई की मेरिट
मेरठ। सीसीएसयू कैंपस-कॉलेजों में यूजी प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया 15 जुलाई के बाद शुरू हो जाएगी। विवि रजिस्ट्रेशन ओपन कर देगा, रिजल्ट आने के बाद छात्र-छात्राएं अपने अंक अपडेट करेंगे। इस बार सीबीएसई और आईसीएसई 12वीं की मेरिट लिस्ट यूपी बोर्ड की तरह ही बनाई जाएगी। गैप की स्थिति में अब अंक नहीं काटे जाएंगे। यह महत्वपूर्ण निर्णय शनिवार को कैंपस में हुई प्रवेश समिति की बैठक में लिए गए हैं।
कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में प्रवेश समिति की बैठक हुई। प्रवेश में दूसरे प्रदेशों के विद्यार्थियों का कोटा 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी किया गया है। यूपी बोर्ड के छात्रों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित रहेंगी। बाकी 50 फीसदी में सीबीएसई-आईसीएसई और अन्य बोर्ड के छात्र रहेंगे।
सीबीएसई और आईसीएसई में अब तक छात्र अपने बेस्ट पांच विषयों के अंक मेरिट में भर देते थे, इससे बड़ी परेशानी आ रही थी। निर्णय लिया गया है कि दोनों बोर्ड में सभी विषयों से प्राप्त प्रतिशत अंक को आधार बनाया जाएगा। बेस्ट फाइव का फॉर्मूला अब नहीं चलेगा। यूपी बोर्ड की तरह मेरिट बनेगी। छात्रों को राहत देते हुए विवि ने गैप ईयर में अंक काटे जाने का नियम खत्म कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में एक संकाय से दूसरे संकाय के विषय लिए जाने का विकल्प खुलने के बाद अब किसी भी संकाय में प्रवेश पर अधिभार न ही घटेगा और न ही बढ़ेगा। वोकेशनल कोर्सों में थ्योरी के नंबर दो-थर्ड और प्रैक्टिकल के वन-थर्ड नंबर जोड़े जाएंगे। 12वीं के बाद अब चार साल के गैप तक भी कोई भी छात्र नॉन प्रैक्टिकल विषय में दाखिला ले सकता है, पहले यह बाध्यता 2 साल की थी। प्रवेश समिति की बैठक में कुलपति प्रो. एनके तनेजा, प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा, प्रवेश समन्वयक प्रो. भूपेंद्र सिंह, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. नीलू जैन गुप्ता, डॉ. अंजलि मित्तल, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. एनके जैन आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कोर्स चुनने का विकल्प सिर्फ बड़े कॉलेजों में
बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र पहले से ही लेट हो चुका है। ऐसे में सभी कॉलेजों राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू कर पाना मुश्किल है। यानी सिलेबस तो सभी जगह नया लागू हो जाएगा लेकिन प्रवेश के दौरान दूसरे विषय चुनने का विकल्प उन्हीं कॉलेजों में दिया जाए जहां पर सभी कोर्स हैं।
10 हजार छात्र देंगे ऑनलाइन परीक्षा
एलएलबी-एलएलएम, बीए-एलएलबी की परीक्षा ऑनलाइन आयोजित कराने के लिए विवि ने कंपनियों से अपना प्रजेंटेशन देने को कहा है। छह जुलाई को ऑनलाइन परीक्षा के आयोजन कराने पर निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि अब तक 10 हजार छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन परीक्षा कराने का विकल्प भरा है।
जम्मू-कश्मीर के छात्रों को मिलेगा 25 फीसदी कोटा
दूसरे प्रदेशों के छात्रों के लिए अब तक 10 फीसदी कोटा था, इसे बढ़ाकर अब 25 फीसदी कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के छात्रों को विशेष राज्य के तहत ये कोटा पहले अधिक मिलता था। अगर सरकार कोई निर्णय लेती है तो ही इसे बढ़ाया जाएगा। वैसे भी पिछले काफी वर्षों से यहां पर जम्मू-कश्मीर के छात्रों की संख्या बहुत कम है।