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मेरठ : सीबीएसई 12वीं की परीक्षाएं रद होने पर सताने लगी अंकों की चिंता, गाइडलाइन के इंतजार में शिक्षक व छात्र

Wed, 02 Jun 2021 01:19 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

कक्षा बारह के बायो के छात्र शुभम खुराना ने बताया कि पेपर के लिए पूरी तैयारी की हुई थी। इतनी मेहनत की और परीक्षा नहीं होगी तो अच्छा नहीं लग रहा है। भविष्य को लेकर संशय है।
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विस्तार
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सीबीएसई 12वीं की परीक्षा रद हो गई। लेकिन अब शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों को अंकों की चिंता सताने लगी है। मेरठ जिले के 12 हजार विद्यार्थियों को किस फॉर्मूले पर नंबर दिए जाएंगे, इस पर असमंजस है।
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बेहतर रैंकिंग लाने वाले स्कूलों के शिक्षकों को यह भी अंदेशा है कि कहीं नियमों के फेर में होनहार विद्यार्थियों के साथ अन्याय न हो जाए। सीसीएसयू हो या डीयू, अधिकतर कॉलेजों में स्नातक में दाखिले मेरिट से ही होते हैं, ऐसे में नंबरों का महत्व रहेगा। प्रधानाचार्यों का कहना है कि सभी जगह समान नियम होगा तो दूसरी परीक्षाओं में समानता रहेगी।

सुरक्षा की दृष्टि से तो ये ठीक है, लेकिन कहीं न कहीं विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक आहत है। जो टॉपर्स बनने के लिए मेहनत कर रहे थे, वे खुश नहीं हैं। जो विद्यार्थी प्री बोर्ड में 99 फीसदी लाते हैं, बहुत से उसे बढ़ाने के लिए ज्यादा मेहनत करते हैं, बोर्ड में विद्यार्थी अपना बेहतर देना चाहते हैं। गाइडलाइन में पुरानी कक्षा के रिजल्ट के आधार पर नंबर देने का नियम बनाया जा सकता है। गाइडलाइन आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। -सुधांशु शेखर, प्रधानाचार्य केएल इंटरनेशनल एवं सीबीएसई कॉर्डिनेटर
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कोविड के हालात को देखते हुए अच्छा निर्णय है। सभी बोर्ड में एक ही फार्मूले के आधार पर अंक दिए जाने चाहिए, ताकि सीबीएसई के विद्यार्थी पेपर नहीं देने की वजह से पीछे न रहें। परीक्षा नहीं कराने का नुकसान नहीं होना चाहिए। क्योंकि अधिकतर कॉलेजों में एडमिशन मेरिट से होते हैं। ऐसे में गाइडलाइन आने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। - एके दुबे, प्रधानाचार्य दीवान पब्लिक स्कूल 

ऐसे माहौल में परीक्षा रद करना सही निर्णय है। ऐसा कोई रास्ता निकालें कि विद्यार्थियों को भविष्य में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। नीट, जेईई और क्लैट की प्रवेश परीक्षा होनी हैं, उनको लेकर भी जल्दी स्पष्ट होना चाहिए। सभी स्टेट बोर्ड की परीक्षाएं रद होनी चाहिए। - डॉ. कमेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य कालका पब्लिक स्कूल एवं अध्यक्ष मेरठ सहोदय मेरठ महान 

सरकार का सही निर्णय है। विद्यार्थियों की जिंदगी पहले है। कितना भी विद्यार्थियों को कम ग्रुप में बिठाकर पेपर कराते, लेकिन बहुत रिस्क था। सभी अभिभावकों के पास गाड़ी तो नहीं हैं, ऐसे में बहुत से बच्चों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी आना पड़ता। किस तरह से विद्यार्थियों को पास किया जाएगा, इसको लेकर गाइड लाइन का इंतजार है। - डॉ. सपना आहुजा, प्रधानाचार्या एमपीजीएस 
 
परीक्षा नहीं होने का दुख, लेकिन हालात ठीक नहीं  
12वीं बायो का छात्र हूं। पेपर के लिए पूरी तैयारी की हुई थी। इतनी मेहनत की और परीक्षा नहीं होगी तो अच्छा नहीं लग रहा है। भविष्य को लेकर संशय है। कल को कोई यह भी कह सकता है कि ये विद्यार्थी तो कोविड में पास हुए हैं। - शुभम खुराना 

पेपर को लेकर बहुत डर था। अच्छा निर्णय हुआ है। नीट की तैयारी कर रही हूं, प्रवेश परीक्षा हो जाएगी, लेकिन जो विद्यार्थी डीयू और दूसरे विवि में जाना चाहते हैं, वहां पर मेरिट लगती है। ऐसे में देखना है कि क्या नियम बनेगा। टॉपर्स के लिए तो अच्छा नहीं है। - ईशा शर्मा 

परीक्षा की पूरी तैयारी की हुई थी, ऐसे में दुख हुआ। नंबरों को लेकर क्या फॉर्मूला लगाया जाएगा, इसको लेकर चिंता है। जो बच्चे नीट और जेईई देंगे उनको तो नंबरों की इतनी दिक्कत नहीं होगी, लेकिन जो कॉलेजों में एडमिशन लेंगे, उनकी मेरिट तो नंबरों से ही बनेगी। - खुशी सहगल

परीक्षा की तैयारी बेहतर थी। कोरोना महामारी के कारण सरकार ने जो कदम उठाया है, उसे गलत भी नहीं कह सकते। अब तो अंकों के वितरण के लिए गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। - शुभित शेखर
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आईएससी बोर्ड की तैयारी कर रहे थे 750 छात्र-छात्राएं
सीबीएसई के बाद आईएससी ने 12वीं की परीक्षा कर दी है। बोर्ड के सेंट मैरीज, सोफिया गर्ल्स स्कूल, सेंट थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल,  सेंट जेम्स, ऑल सेंट और सेंट फ्रांसिस स्कूल में 750 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होने थे। काउंसिल की तरफ से 12वीं के लिए कक्षा 11वीं व 12वीं के इंटरनल असेसमेंट, प्री बोर्ड और दूसरे टेस्ट के नंबर मांग लिए थे। अप्रैल में स्कूल ये नंबर भेज चुके हैं। 
 
सभी छात्राओं ने परीक्षा के लिए पूरी मेहनत की थी। ऐसे में छात्राएं दुखी हैं। लेकिन ऐसे हालात भी नहीं हैं कि परीक्षा कराई जाए। ऐसे में सरकार का निर्णय सही है। गाइड लाइन आने के बाद पता चलेगा कि किस तरह से नंबर दिए जाएंगे।  - सिस्टर गेल, प्रधानाचार्या सोफिया गर्ल्स स्कूल 

कोविड-19 के हालात को देखते हुए निर्णय सही है। सुरक्षा पहले है। परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राएं तो मायूस ही हैं। नंबर अब किस आधार पर मिलेंगे, सबको इसकी चिंता है। - ए डीन, प्रधानाचार्या, सेंट थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल
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