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एटीएम में कैश भरपूर, लेने वाले हुए दूर

Wed, 17 May 2017 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 साइबर अटैक से संबंधित मैसेज मंगलवार को सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को मैसेज कर अलर्ट किया। इस दौरान एटीएम और नेट बैंकिंग का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी गई। लोगों में इसकी दहशत भी देखने को मिली। शहर के एटीएम में कैश तो था लेकिन निकालने वाले नहीं थे। इस दौरान अधिकतर एटीएम सूने नजर आए। हालांकि कुछ जगह तकनीकी खराबी की वजह से एटीएम खराब भी थे। बैंक प्रबंधकों ने भी माना कि वर्किंग डे होने के बावजूद मंगलवार को एटीएम में भीड़ कम थी। निकासी भी सामान्य दिनों से कम रही। अमर उजाला ने दोपहर एक से तीन बजे के बीच शहर का दौरा कर एटीएम का हाल जाना। 
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केनरा बैंक - बागपत रोड 
बैंक के एटीएम में कैश था, लेकिन काफी देर बाद एक ही युवक कैश निकालने आया। पूछने पर बताया कि पहले तो वह कैश निकालते हुए डर रहा था लेकिन जरूरत अधिक थी इसलिए नकदी निकाल ली।  

यूनियन बैंक दिल्ली रोड 
इस बैंक के एटीएम में अक्सर भीड़ लगी रहती है, लेकिन मंगलवार को ये खाली था। केवल एक युवक यहां एटीएम से कैश निकाल रहा था। 

सिंडिकेट बैंक मेट्रो प्लाजा 
 एटीएम की स्क्रीन पर आउट ऑफ सर्विस का मैसेज आ रहा था। ये काम नहीं कर रहा था। पास में ही बैंक के अंदर जाकर जानकारी ली गई तो प्रबंधक ने बताया कि साइबर अटैक का मामला नहीं है। तकनीकी समस्या है ठीक करा दी जाएगी।
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एसबीआई रेलवे रोड 
मेन चौराहे पर होने की वजह से यहां भी अक्सर भीड़ रहती है, लेकिन मंगलवार को एटीएम परिसर में कोई नहीं था। हालांकि इसमें कैश था, लेकिन काफी देर तक कोई निकालने नहीं आया। 

क्या है रेनसमवेयर
 यह एक प्रकार का मालवेयर है जो कंप्यूटर सिस्टम के एक्सेस को ब्लॉक कर देता है। यह कंप्यूटर में सेव डाटा को क्षतिग्रस्त कर देता है। साइबर क्रिमनल बाद में इस डाटा को सही करने के लिए फिरौती मांगते हैं। फिरौती की रकम बिट काइन में मांगी जाती है। इससे बचने के लिए सिस्टम में यदि बैड ब्लॉक, बर्ट, फाइंड जिप, ग्लोब, जिगसा आदि मैसेज लिखे आएं तो अलर्ट हो जाना चाहिए। 

ऐसे करें बचाव 
किसी भी अंजाने ई-मेल में अटैच लिंक पर अनावश्यक क्लिक ना करें। 
कंप्यूटर सिस्टम में विंडो फायरवॉल का प्रयोग करें। 
पायरेटेड सॉफ्टवेयर का प्रयोग ना करें। एंटी वायरस का प्रयोग करें। 
अपने महत्वपूर्ण डाटा को दो कापी हार्डडिस्क में ऑन लाइन रखें और समय-समय पर कंप्यूटर का बैकअप लें।


वायरस आने पर यह करें - 
तुरंत अपने कंप्यूटर को नेटवर्किंग सिस्टम से अलग कर दें। 
क्षतिग्रस्त डाटा को सेव कर लें। 
घटना की जानकारी सीआईआरटीडॉटइन के टोल फ्री नंबर 1800114999 पर दें। 

साइबर सेल से करें शिकायत 
साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि यदि किसी के सिस्टम में ये वायरस आ जाता है तो वह साइबर सेल को मोबाइल नंबर 8958554058 पर जानकारी दे सकता है। 
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