नोट बदलने के लिए बैंकों में लाइन लग रही है। आरबीआई ने नोट बदलने की एडवाइजरी जारी की है। लेकिन सच्चाई यह है कि बैंकों में तीन दिन में जो नोट बदले गए हैं, उसमें आपाधापी में नियमों की भी खूब अनदेखी हुई है। किसी ने आईडी की फोटोकॉपी पर साइन किए तो किसी ने ऐसे ही छोड़ दिया। उसका गलत इस्तेमाल होने का भी डर है। आईडी और फार्म पर हस्ताक्षर अलग-अलग हैं। बैंक सारा डाटा पोर्टल पर भेज रहे हैं। सरकार अपने हिसाब से उसकी निगरानी करेगी।
शनिवार को नोट बदलने में ऐसी भी शिकायतें आई कि जिसने शुक्रवार को चार हजार रुपये बदले थे जब वह आज बैंक में पहुंचा तो आईडी पर दोबारा नोट बदलने से मना कर दिया। जबकि वह अपनी लिमिट के हिसाब से नोट एक्सचेंज करने पहुंचा था। लंबी लाइन में लगने के बाद यह सुनना कष्टकारी रहा। बैंकों ने कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वह आईडी चेक करने को लेकर खास ध्यान दें। बैंक नोट बदलने और निकालने में आने वाले समय में सख्ती बरतेंगे।