गश्त के दौरान जानकारी
इस मामले में कोई सामने नहीं आ रहा था लिहाजा पुलिस ने खुद रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज कराए केस के अनुसार 10 सितंबर को गश्त के दौरान थाने के पुलिसकर्मियों को इस पूरे मामले का पता चला। उन्होंने लोगों को पं. अशोक शर्मा और अभिषेक अग्रवाल द्वारा इसके गठन की चर्चा करते सुना। इसके बाद उनके द्वारा थाने में मौखिक जानकारी दी गई जिसके आधार पर ये केस दर्ज किया है।
अब 17 सितंबर को होगी हिंदू न्यायपीठ पर सुनवाई
अखिल भारतीय हिंदू महासभा द्वारा मेरठ गठित हिंदू न्यायपीठ पर अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। इस मामले में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई चल रही है। जिसमें शासन और मेरठ के डीएम व एसएसपी से 11 सितंबर तक जवाब मांगा गया था। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार द्वारा 17 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का समय मांगा गया। जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए 17 सितंबर को अगली सुनवाई की तिथि नियत की है। दरअसल अखिल भारतीय हिंदू महासभा द्वारा एक माह पूर्व मेरठ में हिंदू न्याय पीठ का गठन करते हुए डॉ. पूजा शकुन को पीठ का मुख्य न्यायधीश नियुक्त किया था। डॉ. पूजा शकुन ने कहा था कि उनकी न्यायपीठ में लव जिहाद, धर्मांतरण सहित हिंदु उत्पीड़न के तमाम मामलों की सुनवाई होगी। इस मामले में कानपुर के अंकित सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने इस तरह की न्यायपीठ के गठन पर सवाल उठाया था। अंकित सिंह ने याचिका में कहा था कि इस प्रकार की व्यवस्था देश के कानून और संविधान के प्रति अविश्वास प्रदर्शित करती है। इस याचिका को स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट द्वारा शासन, मेरठ के जिलाधिकारी और एसएसपी सहित अखिल भारतीय महासभा के पदाधिकारियों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
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