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बच्चे की मौत का मामला:- चार साल की अलिस्बा और तीन साल के आदिल से छिन गया छोटा भाई

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नोट- खबर में नगर पंचायत अध्यक्ष का बयान चाहिए-
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संवाद न्यूज एजेंसी
जानी खुर्द। कस्बे के सिवाल खास में नगर पंचायत की घोर लापरवाही से हुए हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है। खुले नाले में गिरकर जान गंवाने वाला डेढ़ साल का मासूम मोहम्मद जैनू अपने माता-पिता के दो पुत्रों और एक पुत्री में सबसे छोटा था। इस हृदय विदारक घटना के बाद से मां रेशमा, पिता गुलबहार और मासूम भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक बच्चे के पिता गुलबहार कस्बे में ही तेल निकालने का स्पेलर (घानी) लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दिन-रात मेहनत कर परिवार की गाड़ी खींच रहे गुलबहार और उनकी पत्नी रेशमा के घर में सबसे छोटा बेटा मोहम्मद जैनू सबकी आंखों का तारा था। घर में चार साल की बड़ी बहन अलिस्बा और तीन साल के भाई आदिल के बाद सबसे छोटा होने के कारण जैन से पूरे घर की रौनक जुड़ी हुई थी।
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शुक्रवार सुबह जब पिता गुलबहार अपने काम में और मां रेशमा घर के जरूरी कामों में व्यस्त थीं, तब सबसे छोटे लाडले जैनू के साथ बड़ी बहन अलिस्बा और भाई आदिल भी आसपास ही थे। किसी को यह आभास तक नहीं था कि घर के पास खुला नाला इतनी बड़ी त्रासदी बनकर उनकी जिंदगी तबाह कर देगा। जब काफी देर तक जैनू का कुछ पता नहीं चला और सीसीटीवी फुटेज से उसके नाले में गिरने की सच्चाई सामने आई, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
नाले से जब मोहम्मद जैनू का शव बाहर निकाला गया, तो परिवार में चीख पुकार मच गई। अलिस्बा और आदिल को यह समझ ही नहीं आ रहा था कि उनके छोटे भाई को क्या हुआ है, वहीं मां रेशमा अपने लाडले को सीने से लगाकर बार-बार बेहोश हो रही थी। बच्चों और माता-पिता की इस हालत को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस आपराधिक लापरवाही ने एक मेहनतकश परिवार से उसकी सबसे बड़ी खुशी छीन ली है।
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दो साल पहले भी खुले नाले ने ली थी मासूम की जान, फिर भी नहीं चेता नगर पंचायत प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
जानी खुर्द। कस्बे के सिवाल खास में नगर पंचायत की संवेदनहीनता और लापरवाही की हदें पार हो चुकी हैं। शुक्रवार को खुले नाले में गिरकर डेढ़ साल के मासूम मोहम्मद जैनू की मौत ने दो साल पुरानी घटना की यादें ताजा कर दी हैं। हैरानी और दुख की बात यह है कि पूर्व में भी इसी तरह की लापरवाही एक मासूम की जान ले चुकी है, लेकिन इसके बावजूद लापरवाह प्रशासन और नगर पंचायत की नींद नहीं टूटी। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, दो साल पहले भी सिवाल खास कस्बा निवासी दनियाल(4 वर्ष ) की खेलते हुए इसी तरह खुले नाले में गिरने से मौत हो गई थी। उस वक्त भी इस हादसे के बाद भारी हंगामा हुआ था, लोगों ने सड़कों पर रोष जताया था और नगर पंचायत प्रशासन ने बड़े-बड़े दावे व वादे किए थे कि कस्बे के सभी खुले नालों को तुरंत ढका जाएगा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। लेकिन कागजी दावों और फाइलों से आगे बढ़कर जमीन पर कुछ नहीं बदला।
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नगर पंचायत प्रशासन की इसी उदासीनता और लापरवाही का नतीजा यह रहा कि शुक्रवार फिर एक मासूम बच्चे की नाले में गिरने से मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पिछले हादसे के बाद ही सबक लेकर प्रशासन ने नाले ढकवा दिए होते, तो आज एक और घर का चिराग न बुझता।
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