यूपी के सहारनपुर जनपद में फोरलेन निर्माण के दौरान बिना नोटिस और मुआवजा दिए एक व्यक्ति के मकान को गिराने के मामले में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, हाईवे निर्माण करने वाली कंपनी के निदेशक, एनएचएआई के परियोजना निदेशक सहित सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बताया गया कि 19 नवंबर 2108 को कस्बे में फोरलेन निर्माण के लिए हो रहे चौड़ीकरण के दौरान कस्बा बिहारीगढ़ अब्दुल सत्तार का मकान ध्वस्त कर दिया था। पीड़ित का आरोप था कि बिना किसी पूर्व नोटिस व मुआवजे के बिना ही मकान को ध्वस्त कर दिया गया था।
इसके बाद मकान के निर्माण को लेकर मुआवजे देने पर सहमति बनी थी, लेकिन आरोप है कि कई माह बीत जाने और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद पीड़ित परिवार कोर्ट चला गया। कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन उपजिलाधिकारी बेहट शिवनारायण शर्मा, तहसीलदार सुधीर कुमार, लेखपाल अनुपम चौहान, एनएचएआई के परियोजना निदेशक जीएस गोसाई, निर्माण कंपनी डायरेक्टर रामकिशन, नवीन कुमार रावत व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बलवे, कातिलाना हमले, साजिश रचने, धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आईपीसी की धारा 147, 307, 120 बी, 506, 427 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
नोट- इन खबरों के बारे अपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/