पिछले चार दिनों से चली आ रही कलक्ट्रेट कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर मंडलायुक्त डीएम को पत्र लिखा है। इसमें हड़ताली कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज कर वेतन काटने और कार्यालयों पर तालाबंदी करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये हैं।
मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कलक्ट्रेट कर्मचारियों के आंदोलन और तालाबंदी के मामले में संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को जिलाधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश दिया। जिसमें उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों पर ताला न लगने दिया जाए। यदि कोई राजकीय कार्य में व्यवधान करता है तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाये। इसके साथ ही जो कर्मचारी कार्यालय नहीं आ रहे हैं, उनकी अनुपस्थिति दर्ज कराते हुए इस अवधि की वेतन कटौती की जाए। डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि कर्मचारी शांतिपूर्वक धरना, हड़ताल करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन किसी भी दशा में सरकारी कार्यालय में ताला न लगने दिया जाए। इसके साथ ही जनता को कोई असुविधा न हो, इसके लिए कार्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
कमिश्नर के समर्थन में भाकियू का धरना
भ्रष्टाचार के खिलाफ कमिश्नर द्वारा की जा रही कार्रवाई के समर्थन मेें भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों ने शुक्रवार को मेरठ कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू नेताओं ने कलक्ट्रेट कर्मियों द्वारा दिए जा रहे धरने की घोर निंदा की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कमिश्नर द्वारा की जा रही कार्रवाई सराहनीय है। भाकियू नेता नवाब सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार यदि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करना चाहती है तो वह कमिश्नर जैसे अधिकारियों को प्रमोट करे तथा भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करे। इस दौरान भाकियू नेताआें ने यह भी कहा कि कलक्ट्रेट व तहसीलों में तालाबंदी से यह स्पष्ट हो गया है कि उक्त लोग भ्रष्टाचार के समर्थक हैैं। उन्होंने चेतावनी दी की यदि कलक्ट्रेट व तहसीलों के ताले नहीं खुलवाए गए तो उन्हें ताले खोलने के लिये आगे आना होगा।