सपा नेता अतुल प्रधान के विवादित भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। एसएसपी मंजिल सैनी के आदेश पर अतुल के खिलाफ हस्तिनापुर थाने में भद्रकाली चौकी इंचार्ज सत्यवीर सिंह की तहरीर पर आईपीसी की धारा 188 (लोकसेवक के आदेश की अवज्ञा) 504 (साशय अपमान), 506 (धमकी देना) में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने इस कार्यक्रम की अनुमति देने से इंकार कर दिया था। मामला लखनऊ तक पहुंचा तो वहां से अतुल प्रधान का आपराधिक रिकार्ड तलब किया गया। रविवार रात में एसएसपी ने एसपी सिटी और एसपी देहात के साथ मीटिंग की। एसएसपी ने बताया कि 2011 तक अतुल प्रधान पर 22 अपराधिक मुकदमे दर्ज हुए थे। सपा सरकार आयी तो 2011 से 2016 तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। मेडिकल थाने में जुलाई 2017 में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज है। एसएसपी ने कहा कि अतुल प्रधान की गिरफ्तारी होगी। जिसके बाद शास्त्रीनगर में अतुल की घेराबंदी हुई। रात में अतुल प्रधान अपने आवास पर नहीं मिला। अतुल के गांव गड़ीना में भी देररात दबिश दी गई। रात में पुलिस ने अतुल के साथ रहने वाले आधा दर्जन युवकों को भी हिरासत में लिया है।
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