एकतरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर सरकार घर-घर शौचालय बनवा रही है। वहीं मेरठ कैंट में कई जगहों पर लापरवाही बरती जा रही है। छावनी में कैंट बोर्ड के दफ्तर में बने शौचालयों का ही बुरा हाल है। माल रोड से सटे महिला शौचालय में गेट तक नहीं है। कई जगहों पर टूटी सड़कें व्यवस्था को चिढ़ा रही हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत कैंट को स्मार्ट बनाने के लिए कैंट बोर्ड की तरफ से आजकल बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए कैंट बोर्ड की तरफ से एक एप बनवाया गया है। स्मार्ट कैंट के नाम से बनाए गए इस एप को लोगों से मोबाइल में डाउनलोड करके अपने सुझाव और सफाई पर प्वाइंट देने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में सोमवार को कैंट इलाके का हाल देखा गया तो कई जगहों पर तस्वीर खराब नजर आई। डेयरी फार्म से माल रोड की तरफ चलते ही सड़क पर गड्ढे नजर आने लगे। कैंट के सबसे अहम सोफिया स्कूल चौराहे तक सड़क का बुरा हाल है। यहां गड्ढा इतना गहरा है कि किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। भगवान पैलेस के सामने आबूनाला वाली सड़क हो या फिर हनुमान चौराहा। कई दूसरी जगहों पर भी सड़क में गड्ढे बने हैं। बाजार में अतिक्रमण का भी बुरा हाल है। शौचालयों की बात करें तो कैंट बोर्ड के दफ्तर में बने शौचालय की हालत ही खराब मिली। यहां पर पाइप टूटा पड़ा था और पानी बह रहा था। सिर्फ यहीं नहीं लालकुर्ती थाने के पास बने महिला शौचालय में तो उसमें गेट तक नहीं है। कई दूसरी जगहों पर भी यही स्थिति दिखी।
कैंट को बनाना है स्मार्ट
कैंट में अधिकतर जगहों पर शानदार सड़के हैं। कुछ जगहों पर गड्ढे हो गए हैं। यहां सड़कें बनवाने के लिए टेंडर पास हो चुके हैं। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। हम बायो शौचालय बनवा रहे हैं। इसके लिए भी बहुत जल्द काम शुरू होगा। सीवर लाइन डलवाई जा रही है। कैंट को पूरी तरह से स्मार्ट बनाना है। बीना वाधवा, उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड
व्यवस्था होगी दुरुस्त
शौचालय और सड़कें हमारी प्राथमिकता में हैं। फरवरी से इन सब पर काम हो जाएगा। जहां पर खराब व्यवस्था है, उसे जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। एमए जफर, प्रवक्ता कैंट बोर्ड