कैंट बोर्ड छावनी क्षेत्र के टॉयलेट्स को आधुनिक रूप देने जा रहा है। टॉयलेट से सेफ्टी टैंक हटाकर मार्च तक 200 टॉयलेट्स में बायोडायजेस्टर लगाए जाएंगे। यह डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई तकनीक है। जिसमें ऐसे एंजाइम छोड़े जाते हैं जो खुद ही गंदगी को खत्म कर देते हैं। इसके अलावा टॉयलेट को मॉर्डन भी किया जाएगा। स्वच्छता अभियान में यह बड़ा काम होगा। बायोडायजेस्टर लगाने वाली मेरठ छावनी देश की छाविनयों में पहली होगी।
छावनी क्षेत्र में 150 सार्वजनिक शौचालय है, जबकि जल्द ही 50 और बनाए जाएंगे। सीईओ राजीव श्रीवास्तव के मुताबिक बायोडायजेस्टर लगाने की मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। मार्च तक कैंट में 200 शीट पर बायोडायजेस्टर लगा दिए जाएंगे। डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई यह आधुनिक तकनीक है। यह काम स्मार्ट कैंट प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा।
वुमन हॉस्टल का प्रस्ताव भेजा
कैंट बोर्ड रजबन चौपले पर वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाएगा। बजट के लिए इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। मार्च तक इसके पास होने की उम्मीद है। दो करोड़ 90 लाख 47 हजार रुपये की लागत से करीब 10 हजार स्क्वायर फीट जगह पर कैंट बोर्ड एनेक्सी में वुमन हॉस्टल बनाया जाएगा। इसके लिए 75 प्रतिशत लागत मिनिस्ट्री ऑफ वुमन एंड चाइल्ड डेवलेपमेंट देगी। 25 प्रतिशत कैंट बोर्ड खर्च करेगा। हॉस्टल में 22 कमरे बनाए जाएंगे। कॉमन रूम और कम्युनिटी रूम बनेंगे। यह तीन मंजिला बनेगा। रहने के लिए कैंट क्षेत्र की वर्किंग वुमन को प्राथमिकता दी जाएगी।
बुधवार को होगा हिंदी में काम
कैंट बोर्ड ऑफिस में अब बुधवार को सारा काम हिंदी में होगा। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए यह निर्देश जारी किया गया है। सप्ताह में एक दिन सारा काम हिंदी में करने का सीईओ ने आदेश दिया है।