कैंट बोर्ड से रिहायशी तौर पर जमीन लेकर उसका कॉमर्शियल यूज करने पर अब सख्त कार्रवाई होती दिख रही है। कैंट बोर्ड ने लैंड यूज चेंज करने के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। सोमवार को कैंट बोर्ड के सीईओ राजीव श्रीवास्तव की तरफ से कैंट में रहने वाले ऐसे 81 प्रॉपर्टी मालिकों को करीब 222 करोड़ रुपये का नोटिस जारी कर दिया गया।
कैैंट क्षेत्र में अवैध निर्माण और लैंड यूज में बदलाव एक बड़ा मुद्दा रहा है, जिसको लेकर हमेशा चर्चा होती रही हैं। अब बोर्ड ने सर्वे कराया और उसके बाद लैंड यूज करने पर आबूलेन, सदर बाजार और रजबन जैसे क्षेत्रों में रहने वाले प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस जारी कर दिया है। कैंट बोर्ड के प्रेस प्रवक्ता एमए जफर का कहना है कि बोर्ड की तरफ से नोटिस कैंट बोर्ड एक्ट 2006 की धारा 244 के तहत जारी किए गए है, जिसमें वास्तविक इस्तेमाल बदले जाने पर जुर्माना लगाने का अधिकार है।
क्या कहता है एक्ट
इस एक्ट में प्रावधान है कि अगर कोई व्यक्ति रिहायशी मकान में दुकान या वर्कशॉप इत्यादि कॉमर्शियल एक्टिविटी करता है, तो उसे लैंड यूज करने पर एक लाख का जुर्माना देना होगा। साथ ही जिस दिन लैंड का यूज बदला है, उस दिन के हिसाब से 10 हजार रुपये प्रतिदिन का अतिरिक्त जुर्माना भी प्रॉपर्टी मालिक पर लगाया जाएगा। कैंट बोर्ड ने व्यापक पैमाने पर सर्वे किया तो पाया कि काफी लोगों ने लैंड यूज बदल चेंज किया है।
यह तो पहला चरण
पहले चरण में ही 81 लोगों को 2 अरब 22 करोड़ 69 हजार रुपये का नोटिस जारी किया गया है। आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को नोटिस जारी किया जा सकता है। कैंट बोर्ड की तरफ से सबसे पहले ओल्ड ग्रांट बंगले का सर्वे कराया गया था, जिसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।
बन जाएगी एक कॉलोनी
नोटिस में लैंड यूज चेंज करने पर लगायी गई जुर्माने की यह राशि काफी चौंकाने वाली है। जिससे एक अच्छी खासी कॉलोनी विकसित की जा सकती है। बताते हैं कि कैंट बोर्ड ने सारा गणित लगाकर यह जुर्माना लगाया है।