दिवाली पर इस बार कैंट एरिया में बम कम फूटे। सुखद बात यह है कि पिछले साल के मुकाबले प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है। 57 प्रतिशत ध्वनि प्रदूषण कम हो गया। वायु प्रदूषण में भी 40 प्रतिशत कमी आंकी गई। कैंट बोर्ड दो साल से एक संस्था से दिवाली पर होने वाले प्रदूषण का आंकलन कर रहा है। प्रदूषण कम होने की वजह क्षेत्र की जनता में जागरूकता बढ़ने और क्षेत्र में अवैध पटाकों की बिक्री नहीं होने को माना जा रहा है।
शहर भर में दिवाली के दिन खूब पटाखे फूटे। एक तरफ शहर से वायु और ध्वनि प्रदूषण से परेशान रहा तो दूसरी ओर कैंट क्षेत्र में प्रदूषण का गिरता स्तर एक अच्छा संकेत है। इस दिशा में और काम हुआ तो कैंट को दिवाली पर प्रदूषण मुक्त किया जा सकता है। कैंट बोर्ड ने दिवाली पर ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण की जांच एक संस्था से कराई थी। आंकड़ों की तुलना पिछले साल से की गई तो करीब आधी गिरावट दर्ज की गई। कैंट बोर्ड के प्रेस प्रवक्ता एमए जफर के मुताबिक वायु प्रदूषण में 40 फीसदी और ध्वनि प्रदूषण में 57 प्रतिशत की कमी आई है। इसकी वजह पर वह कहते हैं क्षेत्र की जनता पटाखे न छोड़ने को लेकर जागरूक हुई है। चाइनीज और बाहर से आने वाले पटाखे ज्यादा शोर और वायु प्रदूषण करते हैं, वह इस बार बाजार में कम आए। कैंट बोर्ड ने क्षेत्र में अवैध पटाखों की दुकान नहीं लगने दी। पटाखों की बिक्री के लिए सिर्फ दो जगह भैंसाली मैदान और मल्होत्रा कॉप्लेक्स तय थी। समाजशास्त्री प्रो. जेके पुंडीर का कहना है कुछ सालों से देश में पर्यावरण का काम अभियान के तौर पर चल रहा है। इसका असर आ रहा है। कैंट एरिया में शहर के मुकाबले जनसंख्या घनत्व कम है। पढ़े लिखा वर्ग खासा है। प्रदूषण कम होने की वजह बढ़ती जागरूकता और बोर्ड की निगरानी को माना जा सकता है।
कैंट में सदर बाजार में दिवाली पर वायु प्रदूषण का हाल
प्रदूषक तत्व 2015 2016
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