मेरठ छावनी परिषद की टीम ने दीवार तोड़कर अतिथि भवन की दो मंजिलों पर लिया कब्जा। स्रोत : कैंट बोर्
मेरठ। छावनी परिषद की टीम ने शनिवार को अतिथि बैंक्वेट हॉल के प्रथम तल पर दीवार तोड़कर कब्जा ले लिया। इस दौरान अतिथि बैंक्वेट हॉल के लाइसेंसी ने पुलिस के सामने हंगामा किया, लेकिन छावनी परिषद की टीम ने कब्जा ले लिया।
छावनी परिषद के अधिकारियों के अनुसार, 2007 में छावनी परिषद ने संतोष शर्मा को तीन साल के लिए अतिथि बैंक्वेट हॉल के केवल भूतल का लाइसेंस वार्षिक पांच लाख नौ हजार रुपये पर दिया गया। वर्ष 2010 में अगली बार के लिए छावनी परिषद को बैंक्वेट हॉल के तीनों तलों के लिए वार्षिक 16.60लाख रुपये का टेंडर प्राप्त हुआ, जिसे बोर्ड ने स्वीकृत भी कर दिया। इस पर संतोष शर्मा कोर्ट चले गए और स्टे ले आए। इस कारण कैंट बोर्ड के ऊपरी तल किसी भी काम नहीं आ पा रहे थे, क्योंकि ऊपर जाने का रास्ता भी भूतल से ही था। सीईओ जाकिर हुसैन ने ऊपरी तल का उपयोग करने की योजना बनाना शुरू किया, जिससे अनुपयोगी भवन का प्रयोग कर राजस्व प्राप्त किया जा सके। कैंट बोर्ड अधिवक्ता से कानूनी परामर्श लेकर निर्णय लिया गया कि कैंट बोर्ड अपने बराबर में स्थित भवन से सीधे ही ऊपरी तलों पर प्रवेश पा सकेगा।
इस कार्य के लिए सीईओ जाकिर हुसैन ने सहायक अभियंता पीयूष गौतम के नेतृत्व में राजस्व अधीक्षक राजेश जॉन के साथ इंजीनियरिंग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों की टीम बनाई। टीम ने लोहे की सीढ़ी बनाकर उस पर चढ़कर हथौड़ों से दीवार तोड़कर प्रथम तल पर कब्जा ले लिया। इस दौरान लाइसेंसी के लोगों ने जमकर हंगामा किया, लेकिन पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्ष के दस्तावेज देखे और टीम को अपना काम करने दिया। कैंट बोर्ड अधिवक्ता गोपाल कुमार सिंघल ने पुलिस को कानूनी पहलू बताया, जिसके बाद तेजी से कार्य पूरा करते हुए कब्जा लिया गया।
मेरठ छावनी परिषद की टीम ने दीवार तोड़कर अतिथि भवन की दो मंजिलों पर लिया कब्जा। स्रोत : कैंट बोर्
मेरठ छावनी परिषद की टीम ने दीवार तोड़कर अतिथि भवन की दो मंजिलों पर लिया कब्जा। स्रोत : कैंट बोर्