मेरठ..कंवलजीत..अमर उजाला की खबर का असर काठ के पुल पर इ रिक्शा चालक सनी की डूबने से मोत के बाद आ
काठ के पुल के पास बाउंड्री नहीं होने पर पलटी थी ई-रिक्शा, नाले में डूबकर हुई थी चालक की मौत
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाई थी समस्या
छावनी परिषद ने संज्ञान लेकर कराई कार्रवाई
अमर उजाला इम्पैक्ट ::::
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। आबूलेन स्थित काठ के पुल के पास शुक्रवार की शाम आबू नाले में गिरने से ई-रिक्शा चालक सनी की मौत हो गई थी। इस घटना की मुख्य वजह नाले के किनारे दीवार न होने रहा था। अमर उजाला ने 24 जनवरी के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद रविवार को छावनी परिषद ने काठ के पुल के पास से लेकर आबू नाले के किनारे स्टील की फेंसिंग करा दी।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के रजबन स्थित खटीक कॉलोनी निवासी गुरदीप सिंह का बेटा सनी ई-रिक्शा चलाता था। शुक्रवार शाम सम खराब होने के बाद सनी बेगमपुल से सवारी उतारकर नाले की पटरी से घर लौट रहा था। काठ के पुल से आगे रजबन की ओर जाने वाली सड़क पर ढलान पर बारिश की वजह से उसका ई-रिक्शा अनियंत्रित हो गया। नाले के किनारे सुरक्षा दीवार नहीं होने के कारण ई-रिक्शा नाले में जा गिरा। सनी रिक्शा के नीचे दब गया। हादसे के बाद मचे शोर को सुनकर भीड़ तो जुटी, लेकिन सनी को बाहर निकालने का प्रयास नहीं किया। आधे घंटे बाद पहुंची सदर बाजार पुलिस ने लोगों की मदद से सनी को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने सनी को मृत घोषित कर दिया। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही खुले और जर्जर नालों के मामले को भी प्रमुखता से उठाया।
छावनी परिषद के सीईओ जाकिर हुसैन ने शनिवार को आबू नाले के खुले किनारों का निरीक्षण किया। रविवार को सहायक अभियंता पीयूष गौतम के नेतृत्व में छावनी परिषद की टीम ने काठ के पुल पर आबू नाले के किनारे स्टील की फेंसिंग लगवाई। इसके बाद आबू नाले के किनारे उन सभी जगहों पर फेंसिंग लगवाई, जहां पर सुरक्षा दीवार नहीं थी।