कैंट बोर्ड ने अनूठे स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है। इसके चलते घर-घर से महिलाओं द्वारा माहवारी के दौरान होने वाले वेस्ट को भी नियमानुसार निस्तारण की रूपरेखा तैयार की है।
इस संबंध में बोर्ड अधिकारियों और सदस्यों ने बृहस्पतिवार को बैठक की। जिसमें महिला सदस्य पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा, रिनी जैन, बुशरा कमाल, मंजू गोयल के साथ एडिशनल सीईओ ममता और सीईओ प्रसाद चव्हाण ने विस्तार से रूपरेखा तैयार की।
मेरठ छावनी देश की पहली लोकल बॉडी है, जो इस तरह की पहल कर रही है। भारत सरकार ने अभी तक गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग रखने का प्रावधान किया है।
मेरठ छावनी परिषद अपने क्षेत्र से डोमेस्टिक हैजार्ड वेस्ट को अलग एकत्रित कर उसके निस्तारण की योजना बना चुका है। सभी सदस्यों ने पूरे क्षेत्र की महिलाओं को जोड़ने के लिए अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की।
सीईओ प्रसाद चव्हाण ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 की तैयारियों के दौरान इस तरह के कूड़े के निस्तारण की आवश्यकता महसूस की गई थी। बीना वाधवा ने कहा देश में अभी चारों ओर सब सेनेटरी पैड के इस्तेमाल की बातें करते हैं, परंतु उसके प्रयोग के बाद निस्तारण की कोई नहीं करता।
यह भी प्लास्टिक की तरह की समस्या है। रिनी जैन ने कहा कि महिला टीम का गठन किया जाए जो इस पर विस्तार से कार्य करे। मंजू गोयल ने कहा कि आज हर स्तर पर परिवार में महिला को वेस्ट के लिए जागरूक किया जाना आवश्यक है।
एडिशनल सीईओ ममता ने बताया कि इसके लिए कैंट बोर्ड स्टाफ को भी स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है। इस मौके पर सदस्य नीरज राठौर, एई पीयूष गौतम भी मौजूद रहे।