मनीष वीडियो में गुहार लगाते हुए कहते हैं कि उसकी पत्नी पहले से ही कैंसर पीड़ित है, ऐसे तो वह मर जाएगी। वह कहते हैं कि निजी लैब से उसने पत्नी की जांच कराई थी। लेकिन पत्नी की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो उसने खुद स्वास्थ्य विभाग की टीम को फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद टीम आकर उसकी पत्नी को कोविड अस्पताल ले गई।
पति का आरोप है कि उसकी पत्नी को अभी तक किसी तरह की दवाइयां नहीं दी गई हैं, न ही सुबह तक खाना दिया गया। पत्नी ने अस्पताल पहुंचने के बाद वीडियो काॅल के जरिए वहां का हाल दिखाया और बताया कि तीसरी मंजिल पर भेजा गया है, जहां कुछ मरीज हैं लेकिन घना अंधेरा है और न ही यहां कोई शौचालय है।
युवक के साथ छोटे बच्चे भी हाथ जोड़कर अपनी मां की जिंदगी बचाने की गुहार लगाते दिख रहे हैं। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद प्रबंधन ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए मरीजों की सुध ली।
मेडिकल के प्राचार्य से मांगा स्पष्टीकरण
डीएम अनिल ढींगरा और सीएमओ ने मेडिकल प्रिंसिपल से कोरोना मरीज़ों का सही इलाज करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को सही खाने के साथ समय पर दवा दी जाए। वहीं, मरीजों के इलाज में लापरवाही को लेकर वायरल हुई वीडियो पर भी डीएम ने नाराजगी जताई है। साथ ही मृतक किराना दुकानदार की रिपोर्ट में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद इस मामले में भी मेडिकल प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा है।