बहसूमा। टिकोला शुगर मिल प्रबंधन ने गन्ना किसानों की फसल को कीट रोग से बचाने का अभियान शुरू किया। शनिवार को मिल के अधिकारी बटावली गांव के किसान ओमेंद्र पंडित के खेत पर पहुंचे। उन्होंने खेतों का निरीक्षण किया और रोगों की रोकथाम के उपाय बताए।
मिल के महाप्रबंधक ठाकुर अविनाश सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल में टॉप बोरर रोग का प्रकोप बढ़ रहा है। रोग पहचानने के लिए गोभ सूखी हो और बीच का पत्ता पीला हो। अभी गन्ने की गोभ के अंदर सुंडी बैठी है। यह सुंडी 10 से 15 दिन में तितली बनकर उड़ेगी। एक तितली एक रात में 100 से 250 अंडे पत्ती की निचली सतह पर देगी। यदि इस कीट को नहीं रोका गया तो यह पूरा खेत खोखला कर देगा।
ग्रसित शूट को जड़ से काटकर तुरंत नष्ट करना पहला उपाय है। एक भी गोभ छोड़ने से 100 कीटों को बढ़ावा मिल सकता है। खेत में प्रति हेक्टेयर एक प्रकाश जाल और प्रत्येक एकड़ में पांच फेरोमोन जाल लगाएं। जरूरत पड़ने पर 8 किलो नटेरा ब्लैक या 250 मिलीलीटर सोलोमन प्रति एकड़ सुबह-शाम छिड़कें। इस मौके पर मोहनलाल शर्मा, जोन इंचार्ज अनुपम देओल, राजेंद्र सिंह, दिलीप तोमर व किसान अनिल कुमार, ओमेंद्र, विमल आदि रहे।