माना जा रहा था कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले डॉ. बालियान का कद बढ़ाया जा सकता है। पिछली सरकार में राज्यमंत्री रहे बागपत के सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह भी मंत्री पद के दावेदारों में थे। राजनीतिक हल्कों में माना जा रहा था कि डॉ. बालियान का कद बढ़ाकर और डॉ. सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल कर जाटों को लुभाया जा सकता है।
पश्चिमी यूपी में असरदार गुर्जर बिरादरी को भी साधने के लिए कैराना से सांसद प्रदीप चौधरी और राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर में से किसी एक को मंत्री बनाए जाने की उम्मीद थी। इस बिरादरी को भी मायूसी हाथ लगी है।
इसके साथ ही मेरठ-हापुड़ सीट से तीसरी बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से मेरठ के लोग निराश हुए हैं। अग्रवाल वरिष्ठता के साथ ही संघ में भी पकड़ रखने वालों में से हैं। वह लगातार तीन बार सांसद चुने गए हैं।