कनोहरलाल कॉलेज में प्राचार्य को किया जा चुका है निलंबित
लंबे समय से प्राचार्य और प्रबंध समिति के बीच चल रहा विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कनोहरलाल गर्ल्स पीजी कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अलका चौधरी को निलंबित करने के बाद मंगलवार को रिबन समिति ने लिपिक कार्यालय आदि में लगवाए गए ताले तोड़ दिए। इसके बाद कार्यवाहक प्राचार्य के रूप में डा. किरन प्रदीप को कुर्सी पर बैठा दिया गया।
वहीं प्रो. अलका चौधरी ने जान का खतरा बताते हुए एसएसपी को लिखित पत्र देने के साथ ही चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला को भी पत्र दिया है। जिसमें प्रबंध समिति पर करोड़ों का घोटाला करने के आरोप लगाते हुए कहा है कि इस प्रकरण की जांच कराई जाए।
प्रबंध समिति ने अलका चौधरी पर कर्त्तव्यों में विफलता, वित्तीय अनियमितता और दुर्व्यहार जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए जांच बैठा दी थी। प्रबंध समिति और प्रो. अलका चौधरी में बीते करीब डेढ़ वर्ष से टकराव बना हुआ था।
प्रबंध समिति सचिव राकेश कुमार गुप्ता की ओर से प्राचार्य के निलंबन के आदेश जारी किए गए थे। प्रबंध समिति के अनुसार प्राचार्य अपने कर्त्तव्यों का पालन करने में विफल रही हैं। प्रो. अलका चौधरी को चयन आयोग से कनोहरलाल कॉलेज में प्राचार्या नियुक्त किया था। प्रबंध समिति ने पूर्व में भी प्रो. चौधरी को निलंबित कर दिया था, लेकिन इस फैसले को कुलपति ने पलट दिया।
पकड़वाया था करोड़ों रुपए का घोटाला
निवर्तमान प्राचार्य प्रो. अलका चौधरी का कहना है कि उन्होंने प्रबंधन का करोड़ों रुपये का घोटाला पकड़वाया था। मेरे पास इसके सुबूत हैं। एक दिसंबर 2022 को उन्होंने क्लर्क से वित्तीय फाइलें देने को कहा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। शाम को ही सारी फाइलें चोरी कर ली गईं। मेरी जान को खतरा है। इसके चलते उन्होंने एसएसपी को पत्र दिया है।