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Meerut: मेरठ की बहू सीमा ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर बिखेरी चमक, खेल मंत्रालय ने अर्जुन अवार्ड के लिए चुना

Tue, 15 Nov 2022 09:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

मेरठ की बहू सीमा अंतिल ने हरियाणा के सोनीपत में चक्का फेंक में देश का नाम रोशन किया। खेल मंत्रालय ने अर्जुन अवार्ड देने की भी घोषणा की। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में भी प्रतिभाग किया था।
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सीमा अंतिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ की सीमा अंतिल (39) ने  हरियाणा के सोनीपत में चक्का फेंक में देश का नाम रोशन किया है। इसके लिए खेल मंत्रालय ने उन्हें अर्जुन अवार्ड देने की घोषणा की है। सोमवार को जारी 25 खिलाड़ियों की सूची में मेरठ की बहू सीमा का नाम भी शामिल है।
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2000 में 17 साल की उम्र में वह पहली ही अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक झटकने के बाद डोपिंग में फंस गई थीं। इसके बाद उन्हें स्वर्ण पदक लौटना पड़ा था। इसके बाद सीमा ने फिर से मेहनत की। अपनी लगन से उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग किया।

मात्र 21 वर्ष की उम्र में 2004 में ग्रीस ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली सीमा आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जिसके बाद उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक व 2016 रियो ओलंपिक में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकीं हैं। 4 ओलंपिक खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए सपने के सच होने जैसा है। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में 4 पदक झटक चुकी हैं। मेरठ जिले के युवा डिस्कस व शॉटपुट खिलाड़ियों के दिलों में सीमा का राज है। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में 15 व सकौती टांडा कोच अंकुश के पास करीब 30 खिलाड़ी डिसकस व शॉटपुट का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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2011 में जुड़ा मेरठ से नाता
2011 में सकौती टांडा निवासी अपने कोच अंकुश पूनिया के साथ सीमा विवाह बंधन में बंधी। मेरठी बहू बनने के बाद जिलेवासियों ने उन्हें बहुत प्यार दिया। शादी के बाद अंकुश की देखरेख में सीमा ने दिन प्रतिदिन ऊंचाइयों को छुआ। शादी के बाद उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में दो-दो पदक अपने नाम किए हैं। हालांकि पति अंकुश और सीमा के बीच दरार आ गई, दोनों के बीच तलाक का मामला चल रहा है।
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उपलब्धि
2004, 2012, 2016, 2022 में ओलंपिक गेम्स में प्रतिभाग।
2002 - वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
2006 - कॉमनवेल्थ में रजत पदक।
2010 - कॉमनवेल्थ में कांस्य पदक।
2014 - कॉमनवेल्थ में रजत पदक।
2018 - कॉमनवेल्थ में रजत पदक।
2014 - एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक।
2018 - एशियन गेम्स में कांस्य पदक।
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