जिंदगी पर भारी पड़ गई सड़क पर बसों की दौड़
बागपत में हादसे में चार लोगों की मौत का मामला
रोडवेज बस का चालक इशारा करते हुए आगे निकल गया, मिनी बस चालक ने भी बढ़ा दी थी स्पीड
इसके बाद हाईवे पर रोडवेज व मिनी बस चालक की लगी थी रेस
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। दिल्ली सहारनपुर हाईवे पर मिनी बस और एक रोडवेज बस चालक के बीच एकदूसरे से आगे निकले की होड़ में यह हादसा हुआ। बावली गांव के पास पीछे से आ रही रोडवेज बस का चालक इशारा करते हुए आगे निकल गया। मिनी बस चालक ने भी स्पीड बढ़ा दी थी। इसके बाद दोनों में रेस लग गई थी। किशनपुर बिराल बस स्टैंड के पास रोडवेज बस तो आगे निकल गई जबकि मिनी बस हाईवे किनारे खड़े डंपर में जा टकराई।
घायल मोहित निवासी बुढ़पुर ने बताया कि जैसे ही मिनी बस बड़ौत से सवार लेकर शामली के लिए चली तो बावली गांव के पास पीछे से आ रही रोडवेज बस का चालक इशारा करते हुए आगे निकल गया। मिनी बस चालक ने भी स्पीड बढ़ा दी। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर दोनों बसों के बीच रेस लग गई। किशनपुर बिराल बस स्टैंड के पास जैसे ही मिनी बस चालक ने रोडवेज बस को ओवरटेक करने का प्रयास किया। रोडवेज बस तो आगे निकल गई जबकि मिनी बस हाईवे किनारे खड़े डंपर में जा टकराई।
... ऐसा लगा कि अब जान नहीं बचेगी
बड़ौत। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस में आगे बैठे लोग डंपर और बस के बीच फंस गए जबकि पीछे बैठे यात्री आगे की सीट पर आ गिरे। कुछ खिड़की पर गिरने के कारण बाहर गिर गए। टक्कर के बाद पूरी बस में खून ही खून नजर आ रहा था। किसी के सिर से तो किसी के हाथ से खून बह रहा था। घायल रिंकू निवासी बुढपुर ने बताया कि बस में 40 से 45 यात्री थे। हादसे के वक्त ऐसा लगा था कि अब जान नहीं बचेगी। बस में सवार छोटे-छोटे बच्चों और महिलाओं की चीखें गूंज रही थी। कई बच्चे तो जिस सीट पर बैठे थे, टक्कर के बाद कई फीट आगे बैठी सवारियों के ऊपर जाकर गिरे।
पंचर लगवा रहा था डंपर चालक
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के किनारे खड़े होकर डंपर चालक पंचर लगवा रहा था। पंचर लगवाने के बाद वह कुछ देर के लिए वहां से चला गया था।
स्कूटी सवार भी घायल
बड़ौत। किशनपुर बिराल बस स्टैंड के पास खड़ा एक स्कूटी सवार भी इस दुघर्टना में घायल हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि वह भी स्कूटी मेें पंचर लगाने के लिए खड़ा था।
इमरजेंसी वार्ड फुल
बड़ौत। दुर्घटना के बाद एक साथ घायलों के सीएचसी पहुंचने से इमरजेंसी वार्ड फुल हो गया। चिकित्सकों को जहां पर भी जगह मिली, वहीं पर ही मरीजों को लेटाकर, बैठाकर, एंबुलेंस के अंदर आदि जगहों पर मरीजों का उपचार करने में जुटे थे। आलम यह था कि उपचार के दौरान इमरजेंसी वार्ड में भीड़ के चलते स्वास्थ्य कर्मियों को निकलने में भी खासी दिक्कतें हो रही थी।
घायलों को सामान की रही चिंता
बड़ौत। दुर्घटना के बाद लोगों की मदद से सभी घायलों को सीएचसी सहित नगर के निजी अस्पताल पहुंचाया गया। इस कारण घायलों का सामान बस में ही छूट गया था। उपचार कराने के बाद यात्री बस में छूटे सामान के बारे में सहयोगियों से पूछते रहे।
क्रेन से निकाली गई बस, हाईवे पर लगा जाम
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर मिनी बस और डंपर टक्कर इतनी जबदस्त थी कि दो क्रेन बुलवानी पड़ी। इनकी सहायता से बस को डंपर के अंदर से निकाला गया। इस दौरान हाईवे पर लंबा जाम लग गया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुल सका।