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 बिल्डर संजीव मित्तल के यहां मिले करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज

Wed, 07 Feb 2018 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आयकर विभाग को बिल्डर संजीव मित्तल के यहां सर्च में बड़ी सफलता मिली है। हालांकि अभी अधिकारी कुछ भी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं है। लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार बिल्डर के यहां से करोड़ों की प्रोपर्टी के कागजात के साथ ही करोड़ों रुपये का ब्याज पर लेनदेन का हिसाब मिला है। इसके अलावा इस सर्च के दौरान ही बिल्डर द्वारा कई करोड़ की संपत्ति सरेंडर करने की भी बात कही जा रही है। 
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दिल्ली रोड स्थित राजकमल एन्क्लेव निवासी बिल्डर संजीव मित्तल के यहां 29 दिसंबर को पुलिस ने 25 करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद की थी। इतनी बड़ी पुरानी करेंसी बरामद होने पर आयकर विभाग भी सतर्क हो गया था और उसी दिन बिल्डर के आफिस में सर्च की थी। लेकिन संजीव मित्तल के परिवार सहित फरार होने के कारण आयकर विभाग के अधिकारी घर में सर्च नहीं कर पाये थे। ऐसे में बिल्डर के वापस आने पर मंगलवार सुबह से देर रात तक आयकर विभाग के अधिकारियों ने संजीव मित्तल के आवास और आफिस में गहनता से न केवल सर्च की, बल्कि इस दौरान बिल्डर से भी गहनता से पूछताछ की। 

मिली बड़ी सफलता 
सूत्रों के अनुसार इस सर्च में आयकर विभाग को बिल्डर के यहां से करोड़ों रुपये की प्रोपर्टी के कागजात मिले हैं, जिसमें प्रोपर्टी के लेन देन के भी कागजात हैं। वहीं एक हिसाब की डायरी भी मिली है, जिसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन का हिसाब है। इन सभी अभिलेखों को आयकर विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। इसके अलावा इस दौरान कई करोड़ की बैनामी संपत्ति का भी आयकर विभाग के समक्ष खुलासा हुआ। जिसे बिल्डर द्वारा सरेंडर की बात कही जा रही है। इस सरेंडर की गयी संपत्ति की कुल कीमत पर बिल्डर को अभी टैक्स भी भरना होगा। 
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कई रसूखदार आये निशाने पर 
बिल्डर के यहां से जो दस्तावेज मिले हैं, उनके आधार पर पूछताछ में शहर के कई रसूखदार आयकर विभाग के निशाने पर आ गये हैं। क्योंकि 25 करोड़ की जो पुरानी करेंसी बरामद हुई थी, वहीं संजीव मित्तल ने अपनी होने से साफ इंकार कर दिया है। लेकिन यह पुरानी करेंसी किसकी थी, उनके नाम बता दिये हैं। संजीव मित्तल द्वारा बताये गये नाम शहर के तीन रसूखदार लोगों के हैं। जिन्हें लेकर अब आयकर विभाग इन पर शिकंजा कसने की तैयारी में जुट गया है। 
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