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बजट 2021: केंद्र सरकार ने खोली तिजोरी, रैपिड रेल के लिए 4472 करोड़ आवंटित

Tue, 02 Feb 2021 03:13 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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रैपिड रेल - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली से मेरठ के बीच 2025 में चलने वाली रैपिड रेल के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश 2021-22 के बजट में 4,472 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। भारत की पहली रैपिड रेल ट्रांजिट परियोजना के लिए बजट के प्रावधान से स्पष्ट है कि केंद्र धन की कमी नहीं होने देना चाहता है। प्रोजेक्ट पर काम पहले से ही तेजी से चल रहा है।

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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने लगभग 30 हजार करोड़ की अनुमानित लागत के इस प्रोजेक्ट के लिए 2020-21 में 2,487 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। केंद्र सरकार दो किस्तों में 1,047 करोड़ रुपये इससे पहले भी दे चुकी है। इसके अलावा प्रदेश सरकार भी अपने बजट में 650 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुकी है। प्रोजेक्ट के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक ने लगभग 3700 करोड़ रुपये और 7500 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी है।

तीन हजार पिलर की नींव और 300 पिलर तैयार
रैपिड रेल ट्रांजिट परियोजना के 82 किमी के कॉरिडोर में अभी तक तीन हजार 650 पिलर की नींव रखी जा चुकी है। वहीं, 300 से अधिक पिलर खड़े हो चुके हैं। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक पिलर आपस में जोड़े जा रहे हैं। दुहाई से शताब्दी नगर तक भी पिलर बनाए जा रहे हैं। अगले महीने से मेरठ शहर में भूमिगत टनल खुदाई शुरू करने के लिए मिट्टी की जांच शुरू कर दी गई है। मेट्रो प्लाजा से बेगमपुल तक बनाई जाने वाली 5.8 किमी टनल का कार्य एफकॉन्स कंपनी को मिला है।
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मेरठ में लाइट मेट्रो चलाने का दावा मजबूत 
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने देश के कई शहरों में लाइट मेट्रो चलाने के लिए बजटीय प्रावधान किए हैं। मेरठ में लाइट मेट्रो चलाने के लिए कई वर्षों से कवायद चल रही है। अरसे तक फाइलों में कैद रहे इस प्रोजेक्ट के लिए अक्तूबर, 20 में शासन ने एमडीए से दोबारा सूचना मांगी थी। एमडीए के अधिकारियों ने रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। सामान्य मेट्रो की तुलना में इसे बनाने में कम खर्च होता है। इसमें लगभग 300 यात्री सफर कर सकते हैं।

केंद्र सरकार की ओर से शासन को पत्र भेजकर लाइट मेट्रो के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगी गई थी। पत्र के आधार पर शासन ने फिर एमडीए को निर्देश दिए थे। हालांकि, मेरठ में रैपिड रेल के ट्रैक पर ही परतापुर से मोदीपुरम तक मेट्रो चलाई जानी है। इसके लिए अलग से मेट्रो के स्टेशन तय किए गए हैं। शहर के दूसरे छोर के लिए लाइट मेट्रो का संचालन किया जाना है। इसका रूट तैयार हो चुका है लेकिन ये परवान नहीं चढ़ सका था। 2016 में सपा सरकार के समय गढ़ रोड से कंकरखेड़ा रूट का सर्वे किया गया था। इस पर स्टेशनों के नाम भी तय हो चुके हैं। यह रूट श्रद्धापुरी फेस-दो से वाया बेगमपुल, हापुड़ अड्डा चौराहा और मेडिकल कॉलेज होते हुए गोकुलपुर तक है।

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