सरकार आज अपना आम बजट पेश करने जा रही है। अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले उद्योगों और उद्यमियों को सरकार से खासा उम्मीदें हैं। देश में एमएसएमई में नंबर एक में शुमार उप्र में मेरठ औद्योगिक विकास में महती भूमिका निभाता है। 3500 से अधिक एमएसएमई इकाइयां मेरठ में संचालित हैं। जिले के उद्यमियों की कई मांगें हैं जिनके पूरा होने की उम्मीद वो सरकार से करते हैं। उद्यमियों के अनुसार मेरठ को एयरपोर्ट, आईटीसी के अलावा औद्योगिक क्षेत्रों का विकास चाहिए। एमएसएमई सेक्टर में मैन्यूफेक्चरिंग सेक्टर को अलग से बजट आवंटित करने का प्रावधान भी सरकार को करना चाहिए।
मेरठ में ये हैं प्रमुख इकाइयां
खेल उपकरण, कालीन, प्रिंटिंग प्रेस, प्रकाशन, टेंट, बैंडबाजा, केमिकल इकाइयां, ट्रांसफार्मर, बिजली उपकरण, चीनी मिलें, पेपर मिलें, खाद निर्माण की बड़ी इकाइयां मेरठ में संचालित हैं। हैंडलूम, पावरलूम का भी बड़ा कारोबार है। 3500 से अधिक इकाइयां संचालित हैं जो हजारों बेरोजगारों को रोजगार भी दे रही हैं।
उद्यमियों की बजट से ये हैं आस
सरकार द्वारा एमएसएमई से 20 प्रतिशत सामान खरीदने का प्रावधान है, लेकिन समय पर जैम पोर्टल पर किसी को भी भुगतान नहीं मिल रहा भुगतान 20 दिन के अंदर ही दिया जाए।
कंटेनर डिपो की व्यवस्था की जाए ताकि उद्यमियों को माल भेजने के लिए दिल्ली का सहारा न लेना पड़े।
चेक से भुगतान का जो नियम है उसको खत्म किया जाए।
बिजली की दरों को उद्योगों के लिए सस्ता किया जाए, बिजली खरीद पर उद्यमियों को अनुदान दिया जाए।
निजी औद्योगिक क्षेत्रों का भी विकास किया जाए, उनमें विकास कार्यों को पूरा किया जाए।
उद्योगों को जो विभिन्न छूट मिलती है, उनका समय पर लाभ दिया जाए।