संचालक हर्ष इंडस्ट्रीज सुनील कुमार ने बताया कि व्यापारियों को रा-मैटिरियल पर 5 से 18 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। जबकि तैयार सामान पर टैक्स पांच प्रतिशत रह जाता है। व्यापारियों को बजट में टैक्स कम करते हुए एक समान करना चाहिए था।
बस किसानों को लुभाया
अध्यक्ष आल इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्यूफैक्चरिंग फेडरेशन पुनीत मोहन शर्मा का कहना है कि सरकार ने वोट बैंक को साधने के लिए बजट जारी किया है। जिसमें पूरा बजट किसानों को लुभाने के लिए दिया गया। जबकि खेल व्यापार को बजट में छुआ तक नहीं है।
व्यापारियों का जिक्र तक नहीं
कंवल स्पोर्ट्स मालिक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बजट व्यापारियों के लिए निराशाजनक है। खिलाड़ियों को खेल सामान सस्ता मिले, जिसके लिए सरकार को जीएसटी में छूट देनी चाहिए थी। जबकि इनकम टैक्स की सीमा बढ़ानी चाहिए थी।
चुनावी है बजट
मालिक एके स्पोर्ट्स नरेंद्र कुमार ने कहा कि भूटानी हौजरी पर पहले भी पांच प्रतिशत टैक्स था। जबकि जीएसटी के बाद भी पांच प्रतिशत टैक्स लगाया गया। बजट पूरी तरह चुनावी है। जिसमें किसानों को ही ज्यादा अहमियत दी गई।
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