मेरठ। निकाय चुनाव-2017 में भाजपा मात्र किला परीक्षितगढ़ और दौराला में ही जीत पाई थी लेकिन इसबार नगर निगम ही नहीं बल्कि सभी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी भाजपा अपनी मजबूत तैयारी और रणनीति से चुनाव में गैर भाजपा दलों के लिए कड़े मुकाबले के हालात बना सकती है। इससे बसपा, सपा, रालोद और कांग्रेस को 2017 का इतिहास दोहराने में पसीने छूट सकते हैं।
निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। जिले में एक नगर निगम, दो नगर पालिकाएं और 13 नगर पंचायतें हैं। सभी दल निकाय चुनाव की पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं। मजबूत प्रत्याशियों का भी चयन भी अंतिम दौर में चल रहा है। सभी दलों के लिए पांच साल में बदले चुनावी समीकरणों से कड़ा मुकाबले के आसार हैं। सभी दलों के लिए भाजपा की मजबूत चुनावी रणनीति और तैयारी चुनौती बनती दिख रही है।
2017 के निकाय चुनाव में भाजपा को जिले में मात्र किला परीक्षितगढ़ और दौराला में ही अपनी सरकार बनाने का अवसर मिला था। चुनाव बाद खरखौदा नगर पंचायत के चेयरमैन भी भाजपा में शामिल हो गए थे। कांग्रेस को केवल नगर पालिका मवाना में सफलता मिली थी। बसपा ने मेरठ नगर निगम और तीन नगर पंचायतों में जीत हासिल ती थी। तीन साल बाद बसपा की महापौर सुनीता वर्मा अपने पति पूर्व विधायक योगेश वर्मा के साथ सपा में चली गई थीं। जिले में सबसे अधिक एक नगर पालिका और छह नगर पंचायतों में सपा ने विजयी परचम लहराया था। रालोद ने भी करनावल में जीत हासिल करके अपना खाता खोला था। इसके अलावा दो नगर पंचायतों में निर्दलीयों ने भी दलों के प्रत्याशियों को धूल चटा दी थी। अब 2023 के निकाय चुनाव में सभी दलों के सामने नई चुनौतियों के साथ अपने 2017 के इतिहास को दोहराने के लिए कड़ा मुकाबला करना होगा।
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2017 में जिले की निकायों का परिणाम
नगर निगम : महापौर बसपा,
नगर पालिका मवाना : चेयरमैन कांग्रेस,
नगर पालिका सरधना : चेयरमैन सपा,
नगर पंचायत हर्रा : चेयरमैन सपा,
नगर पंचायत खिवाई : चेयरमैन सपा,
नगर पंचायत लावड़ : चेयरमैन सपा,
नगर पंचायत फलावदा : चेयरमैन सपा,
नगर पंचायत हस्तिनापुर : चेयरमैन बीएसपी,
नगर पंचायत परीक्षितगढ़ : चेयरमैन बीजेपी,
नगर पंचायत खरखौदा : निर्दलीय
नगर पंचायत किठौर : बीएसपी,
नगर पंचायत सिवालखास : सपा,
नगर पंचायत करनावाल : रालोद,
नगर पंचायत शाहजहांपुर : बीएसपी,
नगर पंचायत दौराला : बीजेपी,
नगर पंचायत बहसूमा : निर्दलीय ,
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-नगर निगम से लेकर सभी नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में सपा की साइकिल दौड़ेगी। 2017 के निकाय चुनाव में जीती सीटों से भी अधिक पर जीत हासिल की जाएगी। पार्टी के वफादार, ईमानदार और मेहनती को ही प्रत्याशी बनाया जाएगा। - जयवीर सिंह, जिलाध्यक्ष सपा।
-निकाय चुनाव जीतने के लिए सभी तैयारी हो चुकी है। मजबूत प्रत्याशियों को चुनाव में उतारा जाएगा। नगर निगम में फिर बसपा का महापौर बनेगा। नगर पालिका और नगर पंचायतों की जनता भी बसपा की तरफ देख रही है। - मोहित आनंद, जिलाध्यक्ष बसपा।
000भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चल रही सरकार को लोगों का जबरदस्त भरोसा मिल रहा है। इस बार चुनाव में 80 फीसदी सीटों पर भाजपा ही जीत हासिल करेगी। -विमल शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा