आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा उन्हें गाड़ी भी मुहैया नहीं कराई गई। वह गाड़ी के लिए भी इधर-उधर से इंतजाम कर रही हैं। प्रशासन द्वारा उनके पति की चारों गाड़ियों को सीज कर दिया गया है। हाल ही में गनर भी वापस ले लिया गया था। जबकि पूर्व मेयर द्वारा उसका भुगतान किया गया या नहीं, इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं दी। महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि मैं भाजपा या पुलिस-प्रशासन से डरने वाली नहीं। योगेश निर्दोष हैं। वह लड़ाई जारी रखेंगी।
जेल प्रशासन नहीं मानता प्रोटोकॉल
आरोप है कि योगेश वर्मा पर जेल में जुल्म हो रहा है। समर्थकों को भी मिलने नहीं दिया जा रहा है। वह तीन अप्रैल को जेल गईं तो उनके प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखा गया। जिसके चलते वह दोबारा पति से मिलने नहीं गईं। महापौर के प्रोटोकॉल के तहत तत्काल मुलाकात होनी चाहिए। लेकिन भाजपाइयों के इशारे पर तीन-तीन घंटे तक इंतजार कराया जा रहा है।
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