बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि भाजपा की गलत नीतियों एवं कार्यकलापों से जनता पूरी तरह से नाराज है। भाजपा ने मूल सिद्धांतों को ताक पर रख दिया है। जबकि सपा के दो गुट हो चुके हैं और दोनों गुट ही एक दूसरे को हराएंगे। बसपा पर सर्वसमाज का भरोसा है। बसपा प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
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पूर्व मुख्यमंत्री मायावती शनिवार को दिल्ली रोड स्थित कोसमोस मैदान में आयोजित बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा अभी तक प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी भी चेहरे को पेश करने की हिम्मत नहीं कर पाई है जबकि सपा के मुख्यमंत्री का चेहरा कानून व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण के मामले में दागी हो चुका है। जिस कांग्रेस ने आजादी के बाद प्रदेश में 37 वर्ष और केंद्र में 57 वर्ष तक राज किया और गलत नीतियों तथा कार्यकलापों के चलते सत्ता से बाहर होना पड़ा, सपा ने उसे अपने साथ ले लिया। जिसकी मानसिकता अल्पसंख्यक विरोधी है। सपा प्रदेश में अराजकता, सांपद्रायिकता, भ्रष्टाचार, लूटपाट, गुंडा टैक्स, फिरौती, अवैध कब्जे, दंगे, जंगलराज की प्रतीक रही है। कोई ऐसे दागी चेहरे को वोट देगा या फिर कानून से कानून का राज कायम करने वाले बसपा के बेदाग चेहरे को वोट देगा। लोगों के सामने पूरी सच्चाई है। प्रदेश में मुजफ्फरनगर सहित छोटे बड़े 500 दंगे पांच साल में हुए। दादरी कांड, मथुरा का खूनी संघर्ष, बुलंदशहर की शर्मनाक घटना से असुरक्षा एवं आतंक का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के काम अधूरा छोड़ कर अपने प्रचार-प्रसार पर सरकारी पैसा खर्च कर रहे हैं, जो गरीबों के कल्याण पर खर्च हो सकता था। उन्होंने कहा कि जो बड़े-बड़े काम बसपा शासन में शुरू हुए उन्हें सपा सरकार ने अपना नाम दे दिया। कई योजनाओं का नाम बदल दिया। महामाया गरीब आर्थिक योजना का नाम बदलकर समाजवादी पेंशन कर दिया गया। सरकारी अधिकारी थोक के भाव में बदल दिए गए, पूरा कार्यकाल ही निराशाजनक एवं कष्टदायक बना रहा।
मुलायम सिंह यादव ने पुत्रमोह के चलते अपने भाई शिवपाल को ही अपमानित किया
बसपा
मायावती ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने पुत्रमोह के चलते अपने भाई शिवपाल को ही अपमानित कर दिया, तो अब वह भी सपा को नुकसान पहुंचाएंगे। सपा दो गुटों में बंट गई है और दोनों ही गुट एक दूसरे को हराएंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के लोग अब सपा को वोट देते हैं तो उनका वोट बेकार जाएगा या फिर भाजपा को फायदा पहुंचेगा। भाजपा को हराने के लिए अल्पसंख्यकों को बसपा को ही वोट देना है। जिसका अपना दलित वोट एकजुट है ही, अल्पसंख्यक मिल जाएंगे तो प्रदेश की सत्ता पर भाजपा काबिज नहीं हो सकती।
उन्होंने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में जनता को प्रलोभन दिए, वायदे किए। मुख्य रूप से 100 दिन में काला धन लाकर गरीबों के खातों में 15-20 लाख रुपये जमा कराने का वादा किया था। कर्ज में डूबे किसानों का कर्ज माफ करने समेत कई वायदे किए थे, लेकिन अब तक एक चौथाई कार्य भी नहीं हुआ। बल्कि तीन माह पूर्व राजनीतिक स्वार्थ की आड़ में बिना तैयारी के ही 500 एवं 1000 के नोट पर पाबंदी लगा दी। जिससे अभी तक लोग उबर नहीं पाए हैं। करोड़ों बेरोजगार हो गए, अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा। चर्चा है कि अपने फैसले से पहले ही प्रधानमंत्री ने अपने चहेतों, पार्टी के लोगों एवं धन्ना सेठों का काला धन ठिकाने लगवा दिया था।
नोटबंदी से कितना काला धन मिला, कितने लोगों को सजा दी आज तक नहीं बता सके। सिर्फ अपनी गलत नीतियों से जनता का ध्यान बांटने के लिए नोटबंदी कर दी। उन्होंने कहा कि भाजपा आरक्षण एवं अन्य कानूनी अधिकारों को आरएसएस के एजेंडे से खत्म करने में लगी है। प्राईवेट सेक्टर में आरक्षण की व्यवस्था नहीं की है। जबकि सभी कार्य अब प्राईवेट सेक्टर से कराए जा रहे हैं। भाजपा कभी भी सच्चर कमेटी की रिपोर्ट लागू नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा कानून व्यवस्था कैसे संभालेगी, जब उनके नियंत्रण वाले राज्य दिल्ली में कानून व्यवस्था नहीं संभल सकी है। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो नोटबंदी जैसे पीड़ादायी कई निर्णय आ सकते हैं। और सपा सरकार आई तो जुल्म, अपराध होंगे। सपा सरकार आई तो कानून से कानून का राज कायम होगा।
मंच पर ये रहे मौजूद
बसपा सुप्रीमो मायावती के मंच पर सातों विधानसभाओं के प्रत्याशी हाजी मोहम्मद इकबाल, रविंद्र मोल्हू, मुकेश दीक्षित, महिपाल माजरा, नवीन चौधरी, माजिद अली, जगपाल सिंह, एमएलसी महमूद अली, तस्मीन बानो, जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, लोदी कुमार, जोन कोर्डिनेटर नरेश गौतम, एमएलसी अतर सिंह राव मौजूद रहे।