मेरठ। एयूएबी (ऑल यूनियंस एंड एसोसिएशंस ऑफ बीएसएनएल) के आह्वान पर बीएसएनएल कर्मचारियों ने सोमवार को दोपहर के भोजन के समय प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मेरठ के छावनी जीपीओ कंपाउंड में आयोजित किया गया। कर्मचारियों ने सरकार द्वारा इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (आईडीए) रोके जाने के निर्णय का कड़ा विरोध जताया।
बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने सरकार के इस निर्णय के खिलाफ नारेबाजी भी की। बीएसएनएल यूनियन उत्तर प्रदेश पश्चिम परिमंडल सचिव अश्वनी कुमार ने बताया कि बेसिक और आईडीए प्रत्येक कर्मचारी का वैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों और पेंशनरों का आईडीए रोकना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। दूरसंचार विभाग और सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए इसे अन्यायपूर्ण बताया गया। आईडीए रोकना कर्मचारियों के अधिकारों का सीधा हनन है जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कर्मचारियों का विरोध
बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव नरेशपाल सिंह ने भी सरकार की नीति की कड़े शब्दों में निंदा की। कर्मचारी नेता सोहनवीर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना से पहले कर्मचारियों के वेतन रोके गए थे। उसी प्रकार अब आईडीए को रोककर कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है।
एकजुटता और संघर्ष का संकल्प
सोहनवीर ने जोर दिया कि सरकार की गलत और कर्मचारी विरोधी नीतियों का मुकाबला केवल एकजुटता से ही संभव है। कर्मचारियों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर निरंतर आंदोलन करना होगा। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया। आईडीए की बहाली और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा।