बीएसएफ के बाइकर्स शो के साथ करतब दिखाने के लिए डॉग की टीम भी सोमवार शाम पुलिस लाइन पहुंच गई। डॉग को देखने के लिए भीड़ लग गई। बाइकर्स टीम के साथ डॉग टीम ने जमकर अभ्यास किया।
इंस्पेक्टर अवधेश सिंह और डॉग शो टीम के कैप्टन बीएस पूनिया ने बताया कि बीएसएफ की स्थापना के 50 साल पूरा होने पर बुधवार से बाइकर्स और डॉग शो का आयोजन होगा।
स्वर्ण जयंती समारोह में पहली बार दोनों टीमें एक साथ प्रस्तुति देंगी। डॉग टीम में 20 जवानों के अलावा 7 डॉग हैं, जो लेब्राडोर और जर्मन शेफर्ड नस्ल के हैं। यह डॉग पहाड़ी इलाक ों के अलावा मैदानी क्षेत्रों में मादक पदार्थों की खोज के अलावा नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में बारूदी सुरंगों को खोज निकालते हैं।
नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स टेकनपुर जिला ग्वालियर, मध्यप्रदेश में डॉग को ट्रेनिंग दी जाती है। विशेष तौर पर इन डॉग्स को आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए तैयार किया जा रहा है। मलबे में जिंदा दबे लोगों को दस से 12 फीट तक ये तलाश लेते हैं।
शेरा ने बचाई 20 से अधिक लोगों की जान
अवधेश सिंह और बीएस पूनिया ने बताया कि शेरा डॉग ने मलबे में दबे 20 से अधिक लोगों की जान एक साल में बचाई है। बीएसएफ की सर्च एंड रेस्क्यू टीम के दौरान शेरा ने गश्ती सामान, गोला बारूद व नक्सलियों की बारूदी सुरंग को भी एक किमी दूर से भांप लेता है।
यूपी पुलिस के डॉग को भी दी जाती है ट्रेनिंग
बीएसफ के टेकनपुर स्थित डॉग्स के नेशनल ट्रेनिंग सेंटर में यूपी पुलिस, सीआईएसएफ, पीएसी, आईटीबीपी, समेत कई राज्यों के डॉग्स को ट्रेनिंग दी जाती है। बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, घाना, मॉरिशश और श्रीलंका के डॉग्स भी यहीं पर प्रशिक्षण लेते हैं।