दिल्ली में विमान हादसे का शिकार हुए बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट धीरेंद्र कुमार और एएसआई देवेंद्र पाल चौहान को बुधवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। बीएसएफ के जवानों ने दोनों को सलामी दी। उनकी मौत से पीड़ित परिवार ही नहीं इलाके में भी मातम छाया रहा।
शिकारपुर, बुलंदशहर के नंगला जमालपुर गांव धीरेंद्र कुमार का परिवार गंगानगर स्थित गंगाधाम कॉलोनी में रहता है। 15 साल एयर फोर्स में नौकरी के बाद धीरेंद्र ने बीएसएफ ज्वाइन की थी। आठ साल से धीरेंद्र बीएसएफ में तैनात थे। जबकि बीएसएफ में एएसआई देवेंद्र पाल चौहान गंगानगर थानाक्षेत्र के मामेपुर गांव के मूल निवासी थे। देवेंद्र भी एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद बीएसएफ में पांच साल से तैनात थे।
देवेंद्र और धीरेंद्र अक्सर साथ रहते थे। दोनों की मौत की सूचना पर परिवार पर गम का पहाड़ टूटा तो इलाके में मातम छा गया। बुधवार दोपहर देवेंद्र का शव मामेपुर गांव और धीरेंद्र का शव गंगाधाम में पहुंचा। दोनों जगह ही लोगों की भारी भीड़ थी। एएसआई देवेंद्र पाल का मामेपुर गांव जबकि डिप्टी कमांडेंट धीरेंद्र का अंतिम संस्कार बक्सर स्थित श्मशान घाट पर किया गया।