डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि मृतका की उम्र 20 साल थी। वह सूरजपुर थाना क्षेत्र में रहती थी। 17 साल की किशोरी उसकी सहेली है। जो मूलरूप से प्रतापगढ़ जनपद की रहने वाली है और वर्तमान में सूरजपुर थाना क्षेत्र में अपने मामा के घर रहती है। चार मई को दोनों सहेली आरोपियों से मिली थी। एक पार्क में इनकी मुलाकात हुई थी। छह मई की शाम को दोनों फिर आरोपियों से मिलने पहुंचीं थीं। तीनों आरोपियों संदीप, अमित निवासी सूरजपुर ग्रेटर नोएडा और गौरव निवासी लोनी गाजियाबाद ने सूरजपुर में बीयर बार से बीयर खरीदी थीं।
वेलकम गर्ल का करती थीं काम
बुलंदशहर में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता मूलरूप से प्रतापगढ़ जिले की निवासी है। उसके माता-पिता व अन्य परिजन भी कुछ समय तक ग्रेटर नोएडा में ही रहकर काम कर रहे थे। कुछ माह पहले प्रतापगढ़ चले गए। किशोरी उनके साथ नहीं गई थी। वह यहीं पर रहकर कुछ करना चाहती थी। पुलिस ने दोनों सहेलियों के बीच की कड़ी को जोड़ा तो पता चला कि दोनों शादी विवाह एवं अन्य कार्यक्रमों में वेलकम गर्ल का काम करती थीं। कुछ समय पहले ही दोनों की मुलाकात हुई थी। दोनों को एक-दूसरे के घरों का पता नहीं था। इसी के चलते उसके परिजनों तक पहुंचने में पुलिस को समय लगा।
सिर में चोट के कारण हुई किशोरी की मौत
एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत सिर की चोट के कारण होना आया है। दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इस केस की जांच खुर्जा पुलिस कर रही है, मेरठ पुलिस पूरी मदद करेगी। पोस्टमार्टम संबंधित पत्रावली भी खुर्जा पुलिस को सौंप दी जाएगी।
एक्सप्रेसवे और हाईवे पर सघन चेकिंग के निर्देश
इस संगीन वारदात के बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी ने रेंज के सभी नेशनल हाईवे और एक्प्रेसवे पर रात में सघन चेकिंग के आदेश दिए हैं। पुलिस अब टोल प्लाजा कर्मचारियों से भी समन्वय बनाकर वाहनों की जांच करेगी। कोई भी संदिग्ध दिखने पुलिस को सूचना देने के टोल प्लाजा कर्मियों को भी निर्देश दिए गए हैं।
इस वारदात में कार सवार तीनों आरोपी किशोरी और उसकी सहेली को लेकर ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद, बागपत होकर मेरठ तक आ गए। आरोपी जानी थाना क्षेत्र के बाद परतापुर, टीपीनगर, खरखौदा थाना क्षेत्र से होकर हापुड़, बुलंदशहर से निकल कर खुर्जा तक जा पहुंची। मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर चलती कार में किशोरी के साथ दरिंदगी की गई, मगर सभी थानों और जिले की पुलिस अनभिज्ञ बनी रही। छह जिलों में कार दौड़ती रही लेकिन पुलिसकर्मी ने चेकिंग तक नहीं की। अन्यथा वारदात टल सकती थी।