ऐसे खुला हत्याकांड
सीओ दौराला जितेंद्र सरगम के अनुसार, युवती का धड़ मिला था। घटनास्थल से साइबर सेल की टीम ने बीटीएस उठाया था, जिसमें एक नंबर लुधियाना का मिला। पता चला कि गांव के कुछ युवक लुधियाना में नौकरी करते हैं। पुलिस ने लुधियाना से युवती की गुमशुदगी की जानकारी जुटाई।
इसमें युवती के नाम की दो लड़कियों के बारे में पता चला। उनके परिजनों से संपर्क किया। एक युवती के परिजनों ने बताया कि अमन नाम का तांत्रिक उनकी बेटी को ले गया है। परिजनों ने अमन का फोटो भी दिया। पुलिस ने फोटो के जरिए दौराला में युवक की तलाश की तो पता चला कि वह दौराला थाना क्षेत्र के लोहिया गांव निवासी साकिब पुत्र मुस्तकीम है।
पुलिस घटना की छानबीन करते हुए युवती के परिजनों तक पहुंची और उन्हें बताया कि उनकी बेटी की हत्या के बारे में जानकारी दी। जिसे सुनकर युवती के माता पिता हिल गए।
यहां तक कि उन्हें पुलिस की बातों पर भी भरोसा न हुआ, क्योंकि जिस बेटी की मौत की खबर पुलिस ने उन्हें दी थी उससे तो वे हर दिन व्हाट्स एप पर चैट करते थे। पुलिस ने पूरी सच्चाई बताई तो उन्हें यकीन हो गया और वे पुलिस के साथ मेरठ पहुंचे।
हत्या का सनसनीखेज खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस पूछताछ में आरोपी साकिब ने अपना सारा जुर्म कबूल लिया। उसने बताया कि वह युवती की हत्या के बाद हर सप्ताह व्हाट्सएप पर उसकी डीपी बदल देता था। ताकि किसी को शक न हो। यहां तक उसके मां-बाप से भी वही चैट करता था। माता-पिता बेटी से बात करने के लिए कहते तो वह कोई न कोई बहाना बनाकर टला देता।
युवती को ऐसे फंसाया लव जिहाद में
मूल रूप से डेहरा कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश की रहने वाली युवती बीकॉम करने के बाद लुधियाना की एक कंपनी में नौकरी करती थी। युवती के परिजन भी लुधियाना पंजाब में रहने लगे थे। इसी दौरान युवती की मुलाकात मेरठ के रहने वाले एक युवक हुई।
यह युवक लुधियाना में कपड़े बेचने का काम करता था। उसने युवती को अपना नाम अमन बताया था। युवती को इस बात का शायद ही अंदाजा हो कि अनजान युवक से मुलाकात के रूप में मौत उसकी जिंदगी में दस्तक दे चुकी है।
धीरे-धीरे युवती की फेरी लगाने आने वाले अमन से दोस्ती हो गई। अच्छी जॉब लगवाने की बात कहकर अमन ने युवती को अपने विश्वास में ले लिया और यहां तक कि उसे शादी करने की बात भी कही।
अमन ने युवती को झांसे में लेकर उसके घर से 25 लाख की नगदी और 15 तोला सोना मंगवा लिया। उसके बाद वह युवती को लेकर फरार हो गया। कुछ समय बाद युवती को असल सच्चाई मालूम चली। उसे मालूम चला कि वह जिसके प्यार में अपने सब रिश्तों को ठुकराकर आई है, वह अमन नहीं साकिब है।
युवती साकिब के बिछाए जाल को समझ चुकी थी। वह उसके चंगुल से निकलना चाहती थी लेकिन वह कुछ कर पाती, इससे पहले ही जून 2019 में साकिब युवती को लेकर अपने गांव आया और दुष्कर्म के बाद परिजनों के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।
शव की पहचान छुपाने के लिए उसने धड़ को एक खेत में छिपा दिया और सिर को काटकर नदी में फेंक दिया। युवती के एक हाथ पर टैटू बना था इससे उसकी पहचान जाहिर न हो जाए इस डर से हाथ भी साकिब ने काटकर एक जंगल में दबा दिया।
युवती कुछ कर पाती कि उससे पहले ही मेरठ पुलिस केस की छानबीन में लगी थी कि आरोपी साकिब पुलिस कस्टडी से सिपाही को गोली मारकर फरार हो गया। एसएसपी की प्रेस कांफ्रेस के बाद पुलिसकर्मी उसे मेडिकल के लिए ले जा रहे थे।
हालांकि कुछ समय बाद मुठभेड़ में आरोपी पकड़ा गया। उसे भी गोली लगी। पुलिस ने हत्या के आरोप में दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।