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प्रकृति से संबंध टूटने से पड़ जाता है अस्तित्व को खतरा

Sat, 23 Aug 2025 06:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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सुनील कैथवास....नगर निगम परिसर स्थित श्री बाबा झारखंडी महादेव शिव मंदिर मैं प्रभु सेवा सत्संग स
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- नगर निगम स्थित झारखंडी महादेव शिव मंदिर में कृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नगर निगम स्थित श्री बाबा झारखंडी महादेव शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन वृंदावन से आए डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने प्रभु श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कालिया नाग मर्दन, गोपी प्रसंग, गोर्वधन महोत्सव (छप्पन भोग) का प्रसंग सुनते हुए बताया कि गोपियों की कृष्ण भक्ति से श्रीकृष्ण इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने गोपियों की चरण रज की वंदना की।
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डॉ. मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि भगवान कृष्ण ने इच्छा प्रकट करते हुए कहा कि मैं अगले जन्म में गोपियों की चरण रज से पवित्र वृंदावन की लता, औषधि, झाड़ी बनूं। वर्तमान युग में वो गोपियां कहीं नहीं है। अगर है तो वो आपको दिखेगी भी नहीं। उनका बस एक ही उद्देश्य था कि उन्हें मोह माया से कोई मतलब नहीं था। महोत्सव में गोवर्धन पूजा का महत्व समझाया। गोवर्धन पूजा वास्तव में प्रकृति की पूजा है। मनुष्य का शरीर पांच महाभूतों से बना है। प्रकृति से संबंध टूटने पर अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने गो माता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कहा कि पहले गायों की पूजा होती थी। आज उनकी उपेक्षा हो रही है। गाय की दयनीय स्थिति के लिए हम सब जिम्मेदार हैं। गाय तभी हमारा पोषण कर सकती है जब हम उसका शोषण बंद करें। कथा में बुद्ध के विचारों का भी जिक्र किया गया। व्यास जी ने कहा कि हर व्यक्ति में ईश्वरीय गुण होते हैं। जरूरत है उन्हें पहचानने की। भक्ति को दिखावे की जरूरत नहीं है। इस दौरान अशोक कुमार, अनिल रस्तोगी, अरुण अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, अमन अग्रवाल, राजेश शर्मा रहे।
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