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रोडवेज संविदा परिचालकों की भर्ती पर लगा ब्रेक 

Sat, 03 Jun 2017 12:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 400 संविदा परिचालक सरप्लस होने के बावजूद रोडवेज में हो रही 278 संविदा परिचालकों की भर्ती पर आखिरकार ब्रेक लग गए हैं। ‘अमर उजाला’ ने गुपचुप रूप से की जा रही इस ऑफलाइन भर्ती का भंडाफोड़ किया था। मामला गरमाने पर परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जहां रोडवेज अधिकारियों की क्लास लगाई है तो वहीं रोडवेज मुख्यालय लखनऊ ने भर्ती प्रक्रिया तत्काल रोकने के निर्देश दिए हैं। 
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यह था प्रकरण 
रोडवेज में परिचालकों की कमी के नाम पर संविदा परिचालकों की भर्ती करने का फर्जीवाड़ा लंबे समय से चला आ रहा है। भर्ती में भारी भ्रष्टाचार होने और भारी रिश्वत लिए जाने की शिकायत होती रही हैं। विभाग की तरफ से विज्ञप्ति जारी करके ऑनलाइन आवेदन के जरिये ही भर्ती करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन मेरठ रोडवेज रीजन में गत माह फरवरी-मार्च में 140 परिचालकों की ऑफलाइन भर्ती की गई। जबकि पूर्व में भर्ती किए गए 400 संविदा परिचालकों की मेरिट सूची जून तक मान्य थी। इन सभी को आबद्ध करने के बाद ही नई भर्ती निकाली जा सकती थी। लेकिन यहां नियम-शर्तों का उल्लंघन करते हुए न केवल 140 परिचालक भर्ती किए गए बल्कि 138 संविदा परिचालकों की भर्ती फिर से निकाल दी गई। इस दूसरी भर्ती में ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 मई थी।
 
‘अमर उजाला’ ने किया भंडाफोड़ 
‘अमर उजाला’ ने गत 17 मई के अंक में ‘रोडवेज में फर्जीवाड़े की ऑफलाइन भर्ती’ और 18 मई के अंक में ‘400 परिचालक सरप्लस, फिर भी भर्ती का खेल’ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर भर्ती के इस खेल का भंडाफोड़ किया था। रोडवेज का फर्जीवाड़ा उजागर होने पर विभाग में हड़कंप मच गया था। 
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परिवहन मंत्री तक पहुंचा मामला
मामला परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह तक भी पहुंच गया था। परिवहन मंत्री द्वारा मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर करने के बाद रोडवेज मुख्यालय से भर्ती पर ब्रेक लगाने को कहा गया है। इससे मेरठ सहित मुरादाबाद, लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, आगरा, वाराणसी आदि में हो रही भर्ती पर भी रोक लग गई है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि फिलहाल भर्ती को स्थगित करने के लिए मुख्यालय से निर्देश दिए गए हैं। भर्ती में आए आवेदनों या आवेदन के आधार पर बनाई गई मेरिट लिस्ट के अभ्यर्थियों को आबद्ध करने से रोका गया है। 
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