सीएचसी के चिकित्सक बीपी तक चेक नहीं कर पाए। नब्ज देखने में उनके हाथ तक कांप गए। आंगनबाड़ी केंद्र पर बीपी मशीन और स्टेथेस्कोप सील पैक मिलीं। हर स्तर पर लापरवाही और अनियमितता मिली। डीएम के निरीक्षण में स्वास्थ्य विभाग से लेकर शिक्षा विभाग तक की पोल खुल गई। इंटर कॉलेज के छात्र जल का पर्यायवाची तक नहीं बता पाए। कक्षा एक के छात्रों को दस तक गिनती याद नहीं थीं। इन हालातों पर डीएम ने छोटे से लेकर बड़े अधिकारी तक की क्लास लगा डाली।
शनिवार को डीएम जगतराज त्रिपाठी ने जिला का दौरा किया। माछरा सीएचसी पर उन्हें भारी गड़बड़ी मिलीं। उन्होंने ब्लड प्रेशर मशीन के बारे में पूछा तो वह डिब्बे में बंद मिली। बीपी मशीन के सैल तक नहीं लगाए थे। डीएम ने सीएचसी के चिकित्सक डॉ. अलोक नायक से महिला का बीपी चेक करने को कहा तो उनके हाथ कांप गए। बहुत देर तक मशीन में सैल ही नहीं डाल पाए। इसके बाद वह ठीक तरह से बीपी चेक नहीं कर पाए। इस पर डीएम भड़क गए। उन्होंने पूरे स्टाफ की फटकार लगाई।
जल का पर्यायवाची बताया आकाश
जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल इंटर कॉलेज रछौती में भी उन्होंने जांच की। प्रधानाचार्य अनिल कुमार, सहायक लिपिक जितेंद्र कुमार और कर्मचारी अतुल शर्मा अनुपस्थित मिले। डीएम ने उनका एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है। इस दौरान उन्होंने कक्षा 9 के छात्रों से जल का पर्यायवाची पूछा। जवाब में आधे बच्चों ने पर्यायवाची आकाश, नभ, वाटर बताया। कक्षा 10 के छात्र अंग्रेजी वाक्य का हिंदी में अनुवाद नहीं कर सके। कक्षा 12 की जीव विज्ञान की छात्राएं विटामिन ए और विटामिन डी में घूम गईं। कॉलेज में शिक्षा का स्तर देखकर डीएम दंग रह गए। उन्होंने सख्त कार्रवाई की बात कही है।